चैत्र हिन्दू पंचांग का पहला महीना माना जाता है। कई भारतीय पंचांगों में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नए वर्ष की शुरुआत होती है। इसी दिन चैत्र नवरात्रि आरंभ होती है और महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा तथा दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में उगादी मनाई जाती है।
चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में माँ दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। श्रद्धालु कलश स्थापना करते हैं, व्रत रखते हैं और दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं। नवरात्रि के अंतिम दिनों में कन्या पूजन किया जाता है। चैत्र शुक्ल नवमी को भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में राम नवमी मनाई जाती है।
चैत्र पूर्णिमा पर हनुमान जयंती मनाने की परंपरा है। इस दिन हनुमान जी की पूजा, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता है। राजस्थान तथा आसपास के क्षेत्रों में गणगौर और सिंधी समाज में झूलेलाल जयंती भी इसी माह के प्रमुख उत्सव हैं। इस प्रकार चैत्र माह शक्ति, मर्यादा, भक्ति और नई शुरुआत की भावना को एक साथ जोड़ता है।