अमावस्या कब है 2026
2026 में अमावस्या कब है? इस महीने की अमावस्या तिथि, स्नान-दान का महत्व और पूरे वर्ष की अमावस्या सूची।
अमावस्या कब है? — संक्षिप्त उत्तर
अगली अमावस्या — सर्वपितृ अमावस्या, 10 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को है — आश्विन, कृष्ण अमावस्या । व्रत का पारण अगले दिन प्रातः किया जाता है। तिथि प्रारंभ-समाप्ति और सूर्योदय के अनुसार आपके शहर में तारीख़ में अंतर संभव है, इसलिए स्थानीय पंचांग अवश्य देखें।
इस महीने की अमावस्या कब है?
इस महीने अमावस्या की कोई तिथि नहीं है। आगामी अमावस्या: सर्वपितृ अमावस्या — 10 अक्टूबर 2026 (शनिवार)।
हर महीने अमावस्या कब है?
| तारीख | दिन | तिथि | नाम |
|---|---|---|---|
| 6 फरवरी 2027 | शनिवार | माघ, कृष्ण अमावस्या | माघ दर्श अमावस्या |
| 6 फरवरी 2027 | शनिवार | माघ, कृष्ण अमावस्या | मौनी अमावस्या |
| तारीख | दिन | तिथि | नाम |
|---|---|---|---|
| 8 मार्च 2027 | सोमवार | फाल्गुन, कृष्ण अमावस्या | फाल्गुन अमावस्या |
| तारीख | दिन | तिथि | नाम |
|---|---|---|---|
| 6 अप्रैल 2027 | मंगलवार | कृष्ण अमावस्या | चैत्र अमावस्या |
| तारीख | दिन | तिथि | नाम |
|---|---|---|---|
| 6 मई 2027 | बृहस्पतिवार | वैसाख, कृष्ण अमावस्या | वैसाख अमावस्या |
| तारीख | दिन | तिथि | नाम |
|---|---|---|---|
| 4 जून 2027 | शुक्रवार | ज्येष्ठ, कृष्ण अमावस्या | ज्येष्ठ अमावस्या |
| तारीख | दिन | तिथि | नाम |
|---|---|---|---|
| 4 जुलाई 2027 | मंगलवार | आषाढ़, कृष्ण अमावस्या | आषाढ़ अमावस्या |
| तारीख | दिन | तिथि | नाम |
|---|---|---|---|
| 2 अगस्त 2027 | बुधवार | श्रावण, कृष्ण अमावस्या | हरियाली अमावस्या |
| तारीख | दिन | तिथि | नाम |
|---|---|---|---|
| 10 अक्टूबर 2026 | शनिवार | आश्विन, कृष्ण अमावस्या | सर्वपितृ अमावस्या |
| तारीख | दिन | तिथि | नाम |
|---|---|---|---|
| 9 नवंबर 2026 | सोमवार | कार्तिक, कृष्ण अमावस्या | कार्तिक अमावस्या |
| तारीख | दिन | तिथि | नाम |
|---|---|---|---|
| 8 दिसंबर 2026 | मंगलवार | मार्गशीर्ष, कृष्ण अमावस्या | मार्गशीर्ष अमावस्या |
| 27 दिसंबर 2027 | सोमवार | पौष, कृष्ण अमावस्या | पौष अमावस्या |
| तारीख | दिन | तिथि / पक्ष | नाम | पारण | |
|---|---|---|---|---|---|
| 10 अक्टूबर 2026 | शनिवार | आश्विन, कृष्ण अमावस्या | सर्वपितृ अमावस्या | 11 अक्टूबर, प्रातः* | देखें |
| 9 नवंबर 2026 | सोमवार | कार्तिक, कृष्ण अमावस्या | कार्तिक अमावस्या | 10 नवंबर, प्रातः* | देखें |
| 8 दिसंबर 2026 | मंगलवार | मार्गशीर्ष, कृष्ण अमावस्या | मार्गशीर्ष अमावस्या | 9 दिसंबर, प्रातः* | देखें |
| 6 फरवरी 2027 | शनिवार | माघ, कृष्ण अमावस्या | माघ दर्श अमावस्या | 7 फरवरी, प्रातः* | देखें |
| 6 फरवरी 2027 | शनिवार | माघ, कृष्ण अमावस्या | मौनी अमावस्या | 7 फरवरी, प्रातः* | देखें |
| 8 मार्च 2027 | सोमवार | फाल्गुन, कृष्ण अमावस्या | फाल्गुन अमावस्या | 9 मार्च, प्रातः* | देखें |
| 6 अप्रैल 2027 | मंगलवार | कृष्ण अमावस्या | चैत्र अमावस्या | 7 अप्रैल, प्रातः* | देखें |
| 6 मई 2027 | बृहस्पतिवार | वैसाख, कृष्ण अमावस्या | वैसाख अमावस्या | 7 मई, प्रातः* | देखें |
| 4 जून 2027 | शुक्रवार | ज्येष्ठ, कृष्ण अमावस्या | ज्येष्ठ अमावस्या | 5 जून, प्रातः* | देखें |
| 4 जुलाई 2027 | मंगलवार | आषाढ़, कृष्ण अमावस्या | आषाढ़ अमावस्या | 23 जून, प्रातः* | देखें |
| 2 अगस्त 2027 | बुधवार | श्रावण, कृष्ण अमावस्या | हरियाली अमावस्या | 23 जुलाई, प्रातः* | देखें |
| 27 दिसंबर 2027 | सोमवार | पौष, कृष्ण अमावस्या | पौष अमावस्या | 28 दिसंबर, प्रातः* | देखें |
* पारण अगले दिन (द्वादशी/अगली तिथि) प्रातः, सूर्योदय के बाद — सटीक मुहूर्त स्थान के अनुसार बदलता है; स्थानीय पंचांग देखें।
अमावस्या आरंभ और समाप्ति
| तारीख | दिन | तिथि आरंभ → समाप्ति |
|---|---|---|
| 10 अक्टूबर 2026 | शनिवार | 10 अक्टूबर 3:05 AM → 11 अक्टूबर 2:49 AM |
| 9 नवंबर 2026 | सोमवार | 8 नवंबर 4:57 PM → 9 नवंबर 6:01 PM |
| 8 दिसंबर 2026 | मंगलवार | 8 दिसंबर 9:42 AM → 9 दिसंबर 11:51 AM |
| 6 फरवरी 2027 | शनिवार | 6 फरवरी 12:35 AM → 7 फरवरी 2:55 AM |
| 6 फरवरी 2027 | शनिवार | 6 फरवरी 12:35 AM → 7 फरवरी 2:55 AM |
| 8 मार्च 2027 | सोमवार | 7 मार्च 7:16 PM → 8 मार्च 8:28 PM |
| 6 अप्रैल 2027 | मंगलवार | 6 अप्रैल 11:10 AM → 7 अप्रैल 10:50 AM |
| 6 मई 2027 | बृहस्पतिवार | 5 मई 11:46 PM → 6 मई 9:57 PM |
| 4 जून 2027 | शुक्रवार | 4 जून 9:35 AM → 5 जून 6:39 AM |
| 4 जुलाई 2027 | मंगलवार | 23 जून 12:19 AM → 23 जून 8:42 PM |
| 2 अगस्त 2027 | बुधवार | 22 जुलाई 7:22 AM → 23 जुलाई 4:36 AM |
| 27 दिसंबर 2027 | सोमवार | 27 दिसंबर 5:52 AM → 28 दिसंबर 7:11 AM |
अमावस्या क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?
अमावस्या प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि है, जब चंद्रमा आकाश में दिखाई नहीं देता। यह तिथि पितृ कर्म, स्नान-दान और तर्पण के लिए विशेष महत्व रखती है।
पितृ देव मंत्र
अमावस्या से जुड़े तथ्य
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अमावस्या शुभकामना संदेश
मुंशी प्रेमचंद के अनमोल विचार | Premchand Quotes – Quotes of Premchand – हिन्दी में मोटिवेशनल वचन
सभी संदेश देखें →शिव नामावली 108 | भगवान शिव के 108 नाम (अर्थ सहित) | Shiv Namavali With Meaning & Jaap
सभी संदेश देखें →मंत्र, कथा और देवता
अमावस्या की तिथियाँ कैसे तय की गई हैं?
प्रत्येक तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय हर नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर किसी व्रत की तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →
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