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महावीर स्वामी जयंती

19 अप्रैल 2027 · सोमवार चैत्र, शुक्ल त्रयोदशी

चैत्र माह 2027 में महावीर स्वामी जयंती कब है?

संक्षिप्त उत्तर

महावीर स्वामी जयंती 2027 कब है?

महावीर स्वामी जयंती 2027 सोमवार, 19 अप्रैल 2027 को मनाई जाएगी। महावीर स्वामी जयंती की तिथि चैत्र, शुक्ल त्रयोदशी है। महावीर स्वामी जयंती की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:32 – 08:06 तक रहेगा।

दिनांक19 अप्रैल 2027
तिथिचैत्र, शुक्ल त्रयोदशी
पूजा मुहूर्त05:32 – 08:06
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिचैत्र, शुक्ल त्रयोदशीचैत्र माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान महावीर
वार-देवताशिव जीसोमवार
नक्षत्रहस्तव्याघात
संक्षिप्त परिचय

महावीर स्वामी जयंती का महत्व और उत्सव

महावीर स्वामी जयंती चैत्र, शुक्ल त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान महावीर की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्रहस्त
योगव्याघात
करणतैतिल
ऋतुवसन्तउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपूर्वदर्पण देखकर या दूध पीकर

महावीर स्वामी जयंती के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:56 – 04:44 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:32 – 08:06 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:31 – 12:22 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:40 – 17:31 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:35 – 18:47 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 07:08 – 08:44 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 18 Apr 07:42 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:56–04:44
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:32–08:06
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:31 – 12:22
तिथि समाप्त 19 Apr 06:08 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:35–18:47

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

महावीर स्वामी जयंती — महत्व, कथा और परंपरा

महावीर स्वामी जयंती जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मदिवस के रूप में मनाई जाती है। चैत्र मास में बिहार की धरती पर उनका जन्म हुआ था। चैत्र का महीना वसंत ऋतु का प्रतीक है, जो शुद्धता, संयम और नवचिंतन का भाव लेकर आता है। इसी पावन समय में भगवान महावीर के जीवन और उपदेशों का स्मरण विशेष महत्व रखता है। भगवान महावीर, भगवान श्रीआदिनाथ की परंपरा में अंतिम तीर्थंकर माने जाते हैं। उन्होंने “अहिंसा परमो धर्म” का संदेश देकर संसार को करुणा और सहअस्तित्व का मार्ग दिखाया। उनका “जियो और जीने दो” का सिद्धांत आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने अपने अनुयायियों को अहिंसा, सत्य, अचौर्य, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह का पालन करने की शिक्षा दी। महावीर स्वामी को वीर, अतिवीर और सन्मति जैसे नामों से भी जाना जाता है। उनके उपदेश मन की शांति और जीवन में संतुलन प्रदान करते हैं।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

महावीर स्वामी जयंती की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिचैत्र, शुक्ल त्रयोदशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान महावीर
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अंतिम संशोधन18 Jun 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा चशास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में महावीर स्वामी जयंती 19 अप्रैल 2027 (सोमवार) को है।
महावीर स्वामी जयंती चैत्र, शुक्ल त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।