चैत्र मासिक दुर्गाष्टमी चैत्र नवरात्रि के दौरान आने वाली अष्टमी तिथि को मनाई जाती है, जिसे महाअष्टमी भी कहा जाता है। चैत्र का महीना वसंत ऋतु का समय होता है, जब प्रकृति में नई ऊर्जा और पवित्रता का भाव दिखाई देता है। इसी पावन वातावरण में माँ दुर्गा की विशेष उपासना का यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। दुर्गाष्टमी के दिन माँ दुर्गा का विधिपूर्वक पूजन, अर्चन और स्तवन किया जाता है। कई घरों में इसी दिन नवरात्र व्रत का समापन होता है, जबकि कुछ परिवार नवमी को यह परंपरा निभाते हैं। इस दिन कंजक पूजन का विशेष विधान है, जिसमें छोटी कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर हलवा-पूरी का प्रसाद कराया जाता है। प्रातः सूर्यदेव को अर्घ्य देकर माँ दुर्गा का स्मरण किया जाता है। दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ श्रद्धा के साथ करने से शक्ति, शांति और संरक्षण की अनुभूति होती है।