वैष्णव पापमोचिनी एकादशी — महत्व, कथा और परंपरा
वैष्णव पापमोचिनी एकादशी
वैष्णव पापमोचिनी एकादशी 2027 शुक्रवार, 2 अप्रैल 2027 को मनाई जाएगी। वैष्णव पापमोचिनी एकादशी की तिथि फाल्गुन, कृष्ण एकादशी है। वैष्णव पापमोचिनी एकादशी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:49 – 08:18 तक रहेगा।
वैष्णव पापमोचिनी एकादशी फाल्गुन, कृष्ण एकादशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन Local Communities की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।
| मुहूर्त / योग | समय | उपयोग | स्थिति |
|---|---|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:13 – 05:01 | स्नान, जप, संकल्प | शुभ |
| प्रातः पूजन | 05:49 – 08:18 | पूजा और संकल्प | श्रेष्ठ |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:36 – 12:26 | सामान्य शुभ कार्य | शुभ |
| विजय मुहूर्त | 16:35 – 17:25 | कार्य-सिद्धि, संकल्प | शुभ |
| सन्ध्या पूजन | 17:27 – 18:39 | दीप, आरती, कथा | शुभ |
| राहु काल (वर्ज्य) | 10:28 – 12:01 | शुभ कार्य में टालें | सावधानी |
समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।
वैष्णव पापमोचिनी एकादशी
पूरा वार्षिक कैलेंडर, व्रत विधि और पारण नियम — एकादशी हब पेज पर देखें।
तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। यह तिथि पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) के अनुसार है, जिसमें यह चैत्र माह के कृष्ण पक्ष में आती है। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग में यही दिन फाल्गुन माह में गिना जाता है — तिथि और पर्व वही रहते हैं, केवल माह का नाम भिन्न होता है। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →
इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।