चैत्र मास की मासिक शिवरात्रि हिंदू पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। चैत्र का महीना वसंत ऋतु के साथ आत्मचिंतन और साधना का समय माना जाता है, जब प्रकृति के नवोन्मेष के साथ मन भी शुद्धि की ओर अग्रसर होता है। ऐसे समय में आने वाली मासिक शिवरात्रि का विशेष आध्यात्मिक महत्व होता है। इस दिन व्रत और उपवास रखकर भगवान शिव की सच्चे मन से आराधना की जाती है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु मासिक शिवरात्रि व्रत करना चाहते हैं, उन्हें इसका आरंभ महाशिवरात्रि से करना चाहिए। यह व्रत स्त्री और पुरुष दोनों कर सकते हैं। शिवरात्रि की रात जागरण कर शिव-पार्वती की पूजा का विधान है। धार्मिक विश्वास के अनुसार इस व्रत से जीवन में सुख, शांति और स्थिरता आती है तथा कर्ज और बाधाओं से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।