मार्गशीर्ष हिन्दू पंचांग का नौवाँ महीना है और उत्तर भारत में इसे अगहन भी कहा जाता है। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं को महीनों में मार्गशीर्ष बताया है। इसी कारण यह माह श्रीकृष्ण की भक्ति, गीता पाठ और आध्यात्मिक चिंतन के लिए खास माना जाता है।
इस महीने विवाह पंचमी मनाई जाती है, जो भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह की स्मृति से जुड़ी है। मोक्षदा एकादशी के दिन गीता जयंती भी मनाई जाती है। श्रद्धालु इस अवसर पर भगवद्गीता का पाठ करते हैं और उसके उपदेशों को जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर भगवान दत्तात्रेय और माता अन्नपूर्णा का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन स्नान, पूजा और अन्नदान करने की परंपरा है। देश के कई कृषि प्रधान क्षेत्रों में अगहन नई फसल के आगमन का समय भी होता है। इसलिए यह महीना भक्ति के साथ अन्न, प्रकृति और जीवन में मिले सुखों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर भी देता है।