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मासिक कैलेंडर · 2026 हेमंत ऋतु

मार्गशीर्ष - अगहन माह 2026 के व्रत और त्योहार

मार्गशीर्ष को अगहन भी कहा जाता है। भगवान श्रीकृष्ण की उपासना, गीता पाठ और दान-पुण्य के लिए प्रसिद्ध इस महीने में विवाह पंचमी, गीता जयंती और दत्तात्रेय जयंती जैसे पर्व मनाए जाते हैं।

18आगामी पर्व
4प्रमुख व्रत
भगवान श्रीकृष्णप्रमुख देवता
संक्षिप्त उत्तर

मार्गशीर्ष - अगहन माह 2026 कब है?

मार्गशीर्ष - अगहन माह 2026 में 24 नवंबर 2026 से 24 दिसंबर 2026 तक रहेगा। इस माह उत्पन्ना एकादशी, मोक्षदा एकादशी, मार्गशीर्ष प्रदोष व्रत, मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत जैसे व्रत और कालभैरव जयंती, विवाह पंचमी, गीता जयंती, दत्तात्रेय जयंती, अन्नपूर्णा जयंती जैसे प्रमुख त्योहार आते हैं। पूरी जानकारी देखें →

माह का संदर्भ

मार्गशीर्ष - अगहन माह का धार्मिक महत्व

मार्गशीर्ष हिन्दू पंचांग का नौवाँ महीना है और उत्तर भारत में इसे अगहन भी कहा जाता है। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं को महीनों में मार्गशीर्ष बताया है। इसी कारण यह माह श्रीकृष्ण की भक्ति, गीता पाठ और आध्यात्मिक चिंतन के लिए खास माना जाता है।

इस महीने विवाह पंचमी मनाई जाती है, जो भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह की स्मृति से जुड़ी है। मोक्षदा एकादशी के दिन गीता जयंती भी मनाई जाती है। श्रद्धालु इस अवसर पर भगवद्गीता का पाठ करते हैं और उसके उपदेशों को जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर भगवान दत्तात्रेय और माता अन्नपूर्णा का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन स्नान, पूजा और अन्नदान करने की परंपरा है। देश के कई कृषि प्रधान क्षेत्रों में अगहन नई फसल के आगमन का समय भी होता है। इसलिए यह महीना भक्ति के साथ अन्न, प्रकृति और जीवन में मिले सुखों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर भी देता है।

मासिक पर्व सूची

मार्गशीर्ष - अगहन माह के व्रत-त्योहार

मासिक आचरण

मार्गशीर्ष - अगहन माह में क्या करें और क्या न करें?

क्या करें

  • भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करें और भगवद्गीता का पाठ करें
  • एकादशी व्रत में अपनी क्षमता के अनुसार नियम और संयम रखें
  • सुबह स्नान के बाद दीप जलाकर भगवान का स्मरण करें
  • मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर अन्न और वस्त्र का दान करें
  • भोजन का आदर करें और जरूरतमंदों को भोजन कराएँ
  • परिवार के साथ धार्मिक कथा, भजन या गीता के उपदेश सुनें

क्या न करें

  • भोजन और अन्न का अनादर या अपव्यय न करें
  • व्रत के दौरान तामसिक भोजन और नशीले पदार्थों से दूर रहें
  • धार्मिक अनुष्ठानों को दिखावे का माध्यम न बनाएँ
  • क्रोध, अपशब्द और बेवजह के विवाद से बचें
  • दान देते समय किसी का अपमान न करें
  • स्थानीय पंचांग देखे बिना व्रत या त्योहार की तिथि तय न करें

स्थानीय परंपरा और परिवार की मान्यता के अनुसार नियमों में अंतर हो सकता है।

विश्वसनीयता

तिथियाँ और सामग्रियाँ कैसे तैयार की गई हैं?

Bhakti Sarovar पर व्रत और त्योहारों की तिथियाँ पारंपरिक पंचांग गणना — तिथि, पक्ष, मास, सूर्योदय और स्थान-आधारित समय — के आधार पर तैयार की जाती हैं। तिथि और समय स्थान, सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार बदल सकते हैं।

सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मार्गशीर्ष - अगहन माह 2026 कब शुरू होगा?
मार्गशीर्ष - अगहन माह 2026 में 24 नवंबर 2026 से प्रारंभ होगा।
मार्गशीर्ष - अगहन माह 2026 कब समाप्त होगा?
मार्गशीर्ष - अगहन माह 2026 में 24 दिसंबर 2026 तक रहेगा।
मार्गशीर्ष - अगहन माह में कौन-कौन से व्रत आते हैं?
इस माह उत्पन्ना एकादशी, मोक्षदा एकादशी, मार्गशीर्ष प्रदोष व्रत, मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत सहित कुल 18 व्रत-त्योहार आते हैं। पूरी सूची ऊपर दी गई है।
क्या मार्गशीर्ष - अगहन माह की तिथियाँ शहर के अनुसार बदल सकती हैं?
हाँ। तिथि और समय स्थान, सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा बदल सकते हैं। स्थानीय पंचांग से पुष्टि अवश्य करें।