हिन्दू व्रत एवं त्यौहार - BhaktiSarovar.in

मत्स्य जयन्ती

9 अप्रैल 2027 · शुक्रवार फाल्गुन, शुक्ल तृतीया

चैत्र माह में मत्स्य जयन्ती कब है?

संक्षिप्त उत्तर

मत्स्य जयन्ती 2027 कब है?

मत्स्य जयन्ती 2027 शुक्रवार, 9 अप्रैल 2027 को मनाई जाएगी। मत्स्य जयन्ती की तिथि फाल्गुन, शुक्ल तृतीया है। मत्स्य जयन्ती की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:42 – 08:13 तक रहेगा।

दिनांक9 अप्रैल 2027
तिथिफाल्गुन, शुक्ल तृतीया
पूजा मुहूर्त05:42 – 08:13
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिफाल्गुन, शुक्ल तृतीयाचैत्र माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान विष्णु
वार-देवतामाँ लक्ष्मी · माँ संतोषीशुक्रवार
नक्षत्रभरणीप्रीति
संक्षिप्त परिचय

मत्स्य जयन्ती का महत्व और उत्सव

मत्स्य जयन्ती फाल्गुन, शुक्ल तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल तृतीया
नक्षत्रभरणी
योगप्रीति
करणतैतिल
ऋतुवसन्तउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपश्चिमजौ या दही खाकर

मत्स्य जयन्ती के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:06 – 04:54 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:42 – 08:13 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:34 – 12:24 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:37 – 17:27 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:30 – 18:42 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 10:25 – 11:59 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 09 Apr 03:10 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:06–04:54
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:42–08:13
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:34 – 12:24
तिथि समाप्त 10 Apr 01:31 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:30–18:42

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

मत्स्य जयन्ती — महत्व, कथा और परंपरा

मत्स्य जयंती चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। चैत्र महीना वसंत ऋतु का समय होता है, जब सृष्टि में नवचेतना और संतुलन का भाव दिखाई देता है। इसी पावन काल में भगवान विष्णु के प्रथम अवतार, मत्स्य अवतार की जयंती मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु ने इस दिन मत्स्य रूप धारण कर सृष्टि की रक्षा की थी। श्री विष्णु पुराण के अनुसार मत्स्य अवतार भगवान विष्णु का पहला अवतार है, जिसे उन्होंने राक्षस हयग्रीव से वेदों और ब्रह्मांड की रक्षा के लिए धारण किया था। इस दिन भगवान विष्णु के मत्स्य स्वरूप की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। मत्स्य जयंती पर मत्स्य पुराण का पाठ या श्रवण करना श्रेष्ठ माना गया है। साथ ही मछलियों को जल में छोड़ना या उन्हें आटे की गोलियां खिलाना पुण्यकारी कर्म माना जाता है, जो करुणा और संरक्षण की भावना को दर्शाता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

मत्स्य जयन्ती की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिफाल्गुन, शुक्ल तृतीया
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान विष्णु
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा चशास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

गूगल पर भक्ति सरोवर को पसंदीदा स्रोत बनाएं

1गूगल पर खोजें → 2हमारा लिंक ढूँढें, ⋮ मेनू दबाएं → 3"More from this site" चुनें पसंदीदा स्रोत बनाएं →
सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में मत्स्य जयन्ती 9 अप्रैल 2027 (शुक्रवार) को है।
मत्स्य जयन्ती फाल्गुन, शुक्ल तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
!

अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।