शीतला सप्तमी — महत्व, कथा और परंपरा
धार्मिक ग्रंथों में चैत्र से आषाढ़ तक चतुर्मासी शीतला सप्तमी और अष्टमी व्रत का विधान मिलता है, जिसकी तैयारी सप्तमी से ही शुरू हो जाती है।
शीतला सप्तमी 2027 शनिवार, 27 फरवरी 2027 को मनाई जाएगी। शीतला सप्तमी की तिथि माघ, कृष्ण सप्तमी है। शीतला सप्तमी की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:23 – 08:42 तक रहेगा।
शीतला सप्तमी माघ, कृष्ण सप्तमी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन Sheetla Mata की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।
| मुहूर्त / योग | समय | उपयोग | स्थिति |
|---|---|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:47 – 05:35 | स्नान, जप, संकल्प | शुभ |
| प्रातः पूजन | 06:23 – 08:42 | पूजा और संकल्प | श्रेष्ठ |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:47 – 12:34 | सामान्य शुभ कार्य | शुभ |
| विजय मुहूर्त | 16:26 – 17:12 | कार्य-सिद्धि, संकल्प | शुभ |
| सन्ध्या पूजन | 17:11 – 18:23 | दीप, आरती, कथा | शुभ |
| राहु काल (वर्ज्य) | 09:16 – 10:43 | शुभ कार्य में टालें | सावधानी |
समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।
धार्मिक ग्रंथों में चैत्र से आषाढ़ तक चतुर्मासी शीतला सप्तमी और अष्टमी व्रत का विधान मिलता है, जिसकी तैयारी सप्तमी से ही शुरू हो जाती है।
तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। यह तिथि पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) के अनुसार है, जिसमें यह फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष में आती है। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग में यही दिन माघ माह में गिना जाता है — तिथि और पर्व वही रहते हैं, केवल माह का नाम भिन्न होता है। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →
इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।