श्री राम नवमी का पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी तिथि को त्रेतायुग में भगवान श्रीराम का जन्म अभिजीत मुहूर्त में हुआ था। चैत्र का महीना वसंत ऋतु का समय होता है, जब प्रकृति में नवजीवन और पवित्रता का भाव दिखाई देता है, और इसी वातावरण में राम नवमी का महत्व और भी बढ़ जाता है। राम नवमी का उत्सव भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के कई देशों में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन उपवास रखकर भगवान श्रीराम की विधिपूर्वक पूजा करने से सुख, समृद्धि और मानसिक शांति की प्राप्ति मानी जाती है। मान्यता है कि माँ दुर्गा के साथ श्रीराम की आराधना करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है। इस अवसर पर “श्री राम जय राम, जय-जय राम” मंत्र का जाप अत्यंत कल्याणकारी माना गया है, जिसे कभी भी श्रद्धा से जपा जा सकता है।