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श्री राम नवमी

15 अप्रैल 2027 · गुरुवार चैत्र, शुक्ल नवमी

चैत्र माह 2027 में श्री राम नवमी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

श्री राम नवमी 2027 कब है?

श्री राम नवमी 2027 गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 को मनाई जाएगी। श्री राम नवमी की तिथि चैत्र, शुक्ल नवमी है, और इस दिन श्रीराम की पूजा की जाती है। श्री राम नवमी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:36 – 08:09 तक रहेगा।

दिनांक15 अप्रैल 2027
तिथिचैत्र, शुक्ल नवमी
पूजा मुहूर्त05:36 – 08:09
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिचैत्र, शुक्ल नवमीचैत्र माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताश्रीराम
वार-देवताभगवान विष्णुगुरुवार
नक्षत्रपुष्यधृति
संक्षिप्त परिचय

श्री राम नवमी का महत्व और उत्सव

श्री राम का जन्मदिन चैत्र शुक्ल मास की नवमी तिथि को मनाया जाता है जिसे रामनवमी कहा जाता है। भगवान राम को मर्यादा और आज्ञापालन के लिए भी जाना जाता है। अपने कर्तव्यों का पूरी तरह सा पालन करने का सबसे अच्छा उदाहरण श्री राम है | इस त्यौहार को अप्रैल में मनाया जाता है | इस दिन घर में राम,सीता और लक्ष्मी जी के चित्र और मूर्ति को रखा जाता है | मिठाईयां बनाई और बांटी जाती है | पूरा दिन श्री राम की महिमा का गुणगान किया जाता है और उनकी पूजा की जाती है | लोगों को भोजन कराया जाता है साथ ही झांकियां भी निकाली जाती है | राम नवमी की व्रत कथा और पूजन विधि इस प्रकार है|

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल नवमी
नक्षत्रपुष्य
योगधृति
करणकौलव
ऋतुवसन्तउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलदक्षिणदही खाकर

श्री राम नवमी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:00 – 04:48 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:36 – 08:09 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:32 – 12:23 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:39 – 17:30 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:33 – 18:45 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 13:33 – 15:09 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 14 Apr 03:23 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:00–04:48
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:36–08:09
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:32 – 12:23
तिथि समाप्त 15 Apr 01:20 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:33–18:45

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

श्री राम नवमी — महत्व, कथा और परंपरा

श्री राम नवमी का पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी तिथि को त्रेतायुग में भगवान श्रीराम का जन्म अभिजीत मुहूर्त में हुआ था। चैत्र का महीना वसंत ऋतु का समय होता है, जब प्रकृति में नवजीवन और पवित्रता का भाव दिखाई देता है, और इसी वातावरण में राम नवमी का महत्व और भी बढ़ जाता है। राम नवमी का उत्सव भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के कई देशों में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन उपवास रखकर भगवान श्रीराम की विधिपूर्वक पूजा करने से सुख, समृद्धि और मानसिक शांति की प्राप्ति मानी जाती है। मान्यता है कि माँ दुर्गा के साथ श्रीराम की आराधना करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है। इस अवसर पर “श्री राम जय राम, जय-जय राम” मंत्र का जाप अत्यंत कल्याणकारी माना गया है, जिसे कभी भी श्रद्धा से जपा जा सकता है।

विभिन्न नाम

श्री राम नवमी के विभिन्न नाम क्या हैं?

क्षेत्र / परंपरानाम
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विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

श्री राम नवमी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिचैत्र, शुक्ल नवमी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवश्रीराम
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अंतिम संशोधन21 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा चशास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में श्री राम नवमी 15 अप्रैल 2027 (गुरुवार) को है।
श्री राम नवमी चैत्र, शुक्ल नवमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।