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झूलेलाल जयंती

8 अप्रैल 2027 · गुरुवार फाल्गुन, शुक्ल द्वितीया

झूलेलाल जयंती "चेटी चंड पर्व " कब है ?

संक्षिप्त उत्तर

झूलेलाल जयंती 2027 कब है?

झूलेलाल जयंती 2027 गुरुवार, 8 अप्रैल 2027 को मनाई जाएगी। झूलेलाल जयंती की तिथि फाल्गुन, शुक्ल द्वितीया है। झूलेलाल जयंती की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:43 – 08:13 तक रहेगा।

दिनांक8 अप्रैल 2027
तिथिफाल्गुन, शुक्ल द्वितीया
पूजा मुहूर्त05:43 – 08:13
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिफाल्गुन, शुक्ल द्वितीयाचैत्र माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान झूलेलाल
वार-देवताभगवान विष्णुगुरुवार
नक्षत्रअश्विनीविष्कम्भ
संक्षिप्त परिचय

झूलेलाल जयंती का महत्व और उत्सव

झूलेलाल जयंती फाल्गुन, शुक्ल द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान झूलेलाल की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल द्वितीया
नक्षत्रअश्विनी
योगविष्कम्भ
करणबालव
ऋतुवसन्तउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलदक्षिणदही खाकर

झूलेलाल जयंती के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:07 – 04:55 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:43 – 08:13 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:34 – 12:25 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:36 – 17:26 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:29 – 18:41 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 13:34 – 15:08 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 08 Apr 06:02 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:07–04:55
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:43–08:13
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:34 – 12:25
तिथि समाप्त 08 Apr 06:02 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:29–18:41

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

झूलेलाल जयंती — महत्व, कथा और परंपरा

श्री झूलेलाल जयंती, जिसे चेटी चंड के नाम से जाना जाता है, सिंधी समुदाय का प्रमुख और अत्यंत श्रद्धापूर्ण पर्व है। यह उत्सव चैत्र मास में मनाया जाता है, जो वसंत ऋतु और नवआरंभ का प्रतीक माना जाता है। चैत्र के साथ ही सिंधी नववर्ष का शुभारंभ होता है, इसलिए चेटी चंड को सिंधी समाज के नवसंवत्सर के रूप में भी देखा जाता है। श्री झूलेलाल को लाल साई, उदेरो लाल, वरुण देव, दरिया लाल और जिंदा पीर जैसे अनेक नामों से जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार वे भगवान वरुण देव के अवतार माने जाते हैं। इस दिन सिंधी समाज जलदेव और श्री झूलेलाल की पूजा-अर्चना करता है। घरों और मंदिरों में भजन, कीर्तन और शोभायात्राएँ निकलती हैं। प्रसाद के रूप में उबले काले चने और मीठा भात वितरित किया जाता है। यह पर्व आस्था, एकता और सांस्कृतिक पहचान का सुंदर प्रतीक है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

झूलेलाल जयंती की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिफाल्गुन, शुक्ल द्वितीया
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान झूलेलाल
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा चशास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में झूलेलाल जयंती 8 अप्रैल 2027 (गुरुवार) को है।
झूलेलाल जयंती फाल्गुन, शुक्ल द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।