भाद्रपद हिन्दू पंचांग का छठा महीना है। इसे आम बोलचाल में भादो भी कहा जाता है। सावन की शिव आराधना के बाद यह महीना श्रीकृष्ण, भगवान गणेश और भगवान विष्णु की उपासना का अवसर लेकर आता है।
भाद्रपद के कृष्ण पक्ष में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है, जबकि शुक्ल पक्ष में हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी, ऋषि पंचमी, राधाष्टमी, परिवर्तिनी एकादशी और अनंत चतुर्दशी जैसे पर्व आते हैं। कहीं जन्माष्टमी की झांकियां सजती हैं, तो कहीं गणपति स्थापना और विसर्जन की धूम रहती है। इस प्रकार यह महीना भक्ति के साथ-साथ पारिवारिक और सामाजिक उत्सवों को भी अपने भीतर समेटे हुए है।
इस माह में व्रत रखने, पूजा-पाठ करने, पवित्र नदियों में स्नान करने और जरूरतमंदों को दान देने की परंपरा है। ये परंपराएं केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संयम, सेवा और मन की शुद्धि का संदेश भी देती हैं। पंचांग पद्धति और स्थानीय मान्यताओं के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में कुछ पर्वों की तिथियों और रीति-रिवाजों में अंतर देखने को मिल सकता है।