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मार्गशीर्ष माह 2026 प्रारंभ

25 नवंबर 2026 · बुधवार कार्तिक, कृष्ण प्रतिपदा

मार्गशीर्ष माह कब से शुरू होगा?

संक्षिप्त उत्तर

मार्गशीर्ष माह 2026 प्रारंभ कब है?

मार्गशीर्ष माह 2026 प्रारंभ बुधवार, 25 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। मार्गशीर्ष माह 2026 प्रारंभ की तिथि कार्तिक, कृष्ण प्रतिपदा है। मार्गशीर्ष माह 2026 प्रारंभ की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:22 – 08:31 तक रहेगा।

दिनांक25 नवंबर 2026
तिथिकार्तिक, कृष्ण प्रतिपदा
पूजा मुहूर्त06:22 – 08:31
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिकार्तिक, कृष्ण प्रतिपदामार्गशीर्ष - अगहन माह के व्रत-त्यौहार
वार-देवताभगवान गणेशबुधवार
नक्षत्ररोहिणीशिव
संक्षिप्त परिचय

मार्गशीर्ष माह 2026 प्रारंभ का महत्व और उत्सव

मार्गशीर्ष माह 2026 प्रारंभ कार्तिक, कृष्ण प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्ररोहिणी
योगशिव
करणबालव
ऋतुहेमन्तदक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलउत्तरधनिया या तिल खाकर

मार्गशीर्ष माह 2026 प्रारंभ के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:46 – 05:34 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:22 – 08:31 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:23 – 12:06 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:41 – 16:24 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:20 – 17:32 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 11:45 – 13:05 शुभ कार्य में टालें सावधानी
मार्गशीर्ष माह प्रारंभ 25 Nov 05:00 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:46–05:34
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:22–08:31
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:23 – 12:06
मार्गशीर्ष माह समापन 23 Dec 05:00 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:20–17:32

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

मार्गशीर्ष माह 2026 प्रारंभ — महत्व, कथा और परंपरा

मार्गशीर्ष, जिसे अगहन या अग्रहायण भी कहते हैं, हिन्दू पंचांग का नवां महीना है और सामान्यतः नवंबर-दिसंबर में पड़ता है। गीता में श्रीकृष्ण ने इसे “मासानां मार्गशीर्षोऽयम्” कहकर श्रेष्ठ बताया है। मान्यता है कि सतयुग में वर्ष का आरम्भ इसी मास से हुआ था और कश्यप ऋषि ने कश्मीर की रचना भी इसी समय की थी। इस अवधि की पूर्णिमा मृगशिरा नक्षत्र से जुड़ी रहती है; इसलिए इसका नाम मार्गशीर्ष पड़ा। इस समय, रबी की नई फसल महक उठती है, अन्नकूट के भोग चढ़ाए जाते हैं तथा श्रीगणेश-पूजन से बुद्धि-विवेक की पुष्टि होती है। ठंडी हवाओं और स्वच्छ आकाश के बीच, उपवास-दान करने पर संतुलन तथा लम्बी समृद्धि की आशा की जाती है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

मार्गशीर्ष माह 2026 प्रारंभ की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिकार्तिक, कृष्ण प्रतिपदा
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अमांत माह (दक्षिण/महा./गुज.)कार्तिक
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। यह तिथि पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) के अनुसार है, जिसमें यह मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष में आती है। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग में यही दिन कार्तिक माह में गिना जाता है — तिथि और पर्व वही रहते हैं, केवल माह का नाम भिन्न होता है। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में मार्गशीर्ष माह 2026 प्रारंभ 25 नवंबर 2026 (बुधवार) को है।
मार्गशीर्ष माह 2026 प्रारंभ कार्तिक, कृष्ण प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।