हिन्दू व्रत एवं त्यौहार - BhaktiSarovar.in

उत्पन्ना एकादशी व्रत

4 दिसंबर 2026 · शुक्रवार कार्तिक, कृष्ण एकादशी

मार्गशीर्ष माह 2026 में उत्पन्ना एकादशी व्रत कब है?

संक्षिप्त उत्तर

उत्पन्ना एकादशी व्रत 2026 कब है?

उत्पन्ना एकादशी व्रत 2026 शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 को मनाई जाएगी। उत्पन्ना एकादशी व्रत की तिथि कार्तिक, कृष्ण एकादशी है। उत्पन्ना एकादशी व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:29 – 08:36 तक रहेगा।

दिनांक4 दिसंबर 2026
तिथिकार्तिक, कृष्ण एकादशी
पूजा मुहूर्त06:29 – 08:36
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिकार्तिक, कृष्ण एकादशीमार्गशीर्ष - अगहन माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान विष्णु
वार-देवतामाँ लक्ष्मी · माँ संतोषीशुक्रवार
नक्षत्रहस्तआयुष्मान
संक्षिप्त परिचय

उत्पन्ना एकादशी व्रत का महत्व और उत्सव

उत्पन्ना एकादशी व्रत कार्तिक, कृष्ण एकादशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण एकादशी
नक्षत्रहस्त
योगआयुष्मान
करणबव
ऋतुहेमन्तदक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपश्चिमजौ या दही खाकर

उत्पन्ना एकादशी व्रत के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:53 – 05:41 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:29 – 08:36 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:27 – 12:09 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:42 – 16:25 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:20 – 17:32 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 10:28 – 11:48 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 03 Dec 11:03 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:53–05:41
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:29–08:36
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:27 – 12:09
तिथि समाप्त 04 Dec 11:44 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:20–17:32

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

उत्पन्ना एकादशी व्रत — महत्व, कथा और परंपरा

मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की ग्यारस को मनाई जाने वाली ‘उत्पन्ना एकादशी’ वह पुण्य तिथि है जब देवी एकादशी श्री विष्णु की रक्षा-शक्ति बनकर प्रकट हुईं और दैत्य मुर का संहार किया। इसलिए इसे उत्पत्ति-, प्राकट्य- या वैतरणी एकादशी भी कहा जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि इस दिन का व्रत अश्वमेध यज्ञ के समान फल देता है; व्रती को हिंसा, असत्य और दुष्ट संगति से दूर रहना चाहिए। प्रातः स्नान कर पीत पुष्प, तुलसी व गंध से श्री विष्णु तथा देवी एकादशी का पूजन करें, फिर ‘ॐ नारायणाय नमः’ या ‘ॐ एकादश्यै नमः’ का जप करें। मार्गशीर्ष की शीतल हवाओं के बीच किया गया यह उपवास आत्मसंयम, स्वास्थ्य और पारिवारिक समृद्धि का द्वार खोलता है।

आवर्ती व्रत

अन्य एकादशी तिथियाँ

सभी एकादशी तिथियाँ देखें →
नामतिथिवारपक्ष/तिथिदिन शेष
इन्दिरा एकादशी 6 अक्टूबर 2026 मंगलवार भाद्रपद, कृष्ण एकादशी 10 दिन शेष देखें
पापांकुशा एकादशी 22 अक्टूबर 2026 गुरुवार आश्विन, शुक्ल एकादशी 26 दिन शेष देखें
रमा एकादशी 5 नवंबर 2026 गुरुवार आश्विन, कृष्ण एकादशी 40 दिन शेष देखें
पौष पुत्रदा एकादशी 18 जनवरी 2027 सोमवार पौष, शुक्ल दशमी 114 दिन शेष देखें
षटतिला एकादशी 2 फरवरी 2027 मंगलवार पौष, कृष्ण एकादशी 129 दिन शेष देखें
जया एकादशी 17 फरवरी 2027 बुधवार माघ, शुक्ल एकादशी 144 दिन शेष देखें

पूरा वार्षिक कैलेंडर, व्रत विधि और पारण नियम — एकादशी हब पेज पर देखें।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

उत्पन्ना एकादशी व्रत की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिकार्तिक, कृष्ण एकादशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान विष्णु
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अमांत माह (दक्षिण/महा./गुज.)कार्तिक
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। यह तिथि पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) के अनुसार है, जिसमें यह मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष में आती है। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग में यही दिन कार्तिक माह में गिना जाता है — तिथि और पर्व वही रहते हैं, केवल माह का नाम भिन्न होता है। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा चशास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

गूगल पर भक्ति सरोवर को पसंदीदा स्रोत बनाएं

1गूगल पर खोजें → 2हमारा लिंक ढूँढें, ⋮ मेनू दबाएं → 3"More from this site" चुनें पसंदीदा स्रोत बनाएं →
सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में उत्पन्ना एकादशी व्रत 4 दिसंबर 2026 (शुक्रवार) को है।
उत्पन्ना एकादशी व्रत कार्तिक, कृष्ण एकादशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
!

अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।