नवां हिन्दू मास मार्गशीर्ष ठिठुरती भोर, पकते धान और गीता-जयन्ती की गूँज लेकर आता है। इसी पावन माह की शुक्ल चतुर्थी पर विनायक चतुर्थी मनाई जाती है। मान्यता है कि इसी तिथि पर मध्यान्ह बेला में श्रीगणेश प्रकट हुए, तभी से हर महीने की शुक्ल चतुर्थी गणपति-पूजन का विशेष दिवस बनी; पर मार्गशीर्ष में इसका पुण्य दुगुना कहा गया है। व्रती प्रातः स्नान कर मिट्टी या धातु की गणेश-प्रतिमा स्थापित करते हैं, फिर दो बार—दोपहर और मध्याह्न—पूजन करते हैं। देशी घी का दीप जलाकर “ॐ बुद्धिप्रदाय नमः” मंत्र 108 वार जपें; विश्वास है कि गणपति की कृपा से विघ्न दूर होते हैं और घर में आनंद, आरोग्य तथा धन-वैभव का संचार होता है।