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हनुमथ जयन्थी

27 दिसंबर 2027 · सोमवार मार्गशीर्ष, कृष्ण अमावस्या

मार्गशीर्ष माह 2027 में हनुमथ जयन्थी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

हनुमथ जयन्थी 2027 कब है?

हनुमथ जयन्थी 2027 सोमवार, 27 दिसंबर 2027 को मनाई जाएगी। हनुमथ जयन्थी की तिथि मार्गशीर्ष, कृष्ण अमावस्या है। हनुमथ जयन्थी की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:42 – 08:48 तक रहेगा।

दिनांक27 दिसंबर 2027
तिथिमार्गशीर्ष, कृष्ण अमावस्या
पूजा मुहूर्त06:42 – 08:48
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिमार्गशीर्ष, कृष्ण अमावस्यामार्गशीर्ष - अगहन माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान हनुमान
वार-देवताशिव जीसोमवार
नक्षत्रमूलगण्ड
संक्षिप्त परिचय

हनुमथ जयन्थी का महत्व और उत्सव

हनुमथ जयन्थी मार्गशीर्ष, कृष्ण अमावस्या तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान हनुमान की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण अमावस्या
नक्षत्रमूल
योगगण्ड
करणचतुष्पद
ऋतुशिशिरउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपूर्वदर्पण देखकर या दूध पीकर

हनुमथ जयन्थी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 05:06 – 05:54 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:42 – 08:48 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:37 – 12:20 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:51 – 16:33 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:28 – 17:40 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 08:01 – 09:20 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 27 Dec 12:22 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 05:06–05:54
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:42–08:48
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:37 – 12:20
तिथि समाप्त 28 Dec 01:41 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:28–17:40

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

हनुमथ जयन्थी — महत्व, कथा और परंपरा

तमिल पंचांग के अनुसार मार्ग़ळीमास के मूलनक्षत्र के दिन हनुमानजयंती मनायी जाती है। इस अवसर पर भक्त प्रातःस्नान के बाद अंजनिपुत्र का तिलतेल से अभिषेक कर सुंदरकाण्ड, हनुमानचालीसा और रामनाम का पाठ करते हैं। परंपरागत रूप से गरम वड़ामालाई और मक्खनशहद का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे अत्यन्त फलदायी माना गया है। कहा जाता है कि मार्ग़ळी की शांत, शीतल हवाओं में की गयी हनुमद‑भक्ति से शौर्य, आरोग्य और निष्ठा बढ़ती है। इस मास को धनुर्मास भी कहा जाता है; सूर्योदय‑पूर्व मंदिर‑दर्शन तथा गोदान करने से ग्रहदोष शांत होकर जीवन में रक्षा और विकास के द्वार खुलते हैं।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

हनुमथ जयन्थी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिमार्गशीर्ष, कृष्ण अमावस्या
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान हनुमान
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अमांत माह (दक्षिण/महा./गुज.)मार्गशीर्ष
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। यह तिथि पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) के अनुसार है, जिसमें यह पौष माह के कृष्ण पक्ष में आती है। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग में यही दिन मार्गशीर्ष माह में गिना जाता है — तिथि और पर्व वही रहते हैं, केवल माह का नाम भिन्न होता है। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में हनुमथ जयन्थी 27 दिसंबर 2027 (सोमवार) को है।
हनुमथ जयन्थी मार्गशीर्ष, कृष्ण अमावस्या तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।