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परिवर्तिनी एकादशी

22 सितंबर 2026 · मंगलवार भाद्रपद, शुक्ल एकादशी

भाद्रपद माह 2026 में परिवर्तिनी एकादशी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

परिवर्तिनी एकादशी 2026 कब है?

परिवर्तिनी एकादशी 2026 मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। परिवर्तिनी एकादशी की तिथि भाद्रपद, शुक्ल एकादशी है। परिवर्तिनी एकादशी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:47 – 08:12 तक रहेगा।

दिनांक22 सितंबर 2026
तिथिभाद्रपद, शुक्ल एकादशी
पूजा मुहूर्त05:47 – 08:12
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिभाद्रपद, शुक्ल एकादशीभाद्रपद माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान विष्णु
वार-देवताहनुमान जीमंगलवार
नक्षत्रउत्तराषाढ़ाअतिगण्ड
संक्षिप्त परिचय

परिवर्तिनी एकादशी का महत्व और उत्सव

परिवर्तिनी एकादशी भाद्रपद, शुक्ल एकादशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल एकादशी
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा
योगअतिगण्ड
करणवणिज
ऋतुशरददक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलउत्तरगुड़ खाकर

परिवर्तिनी एकादशी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:11 – 04:59 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:47 – 08:12 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:26 – 12:15 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:17 – 17:06 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:07 – 18:19 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 14:52 – 16:23 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 21 Sep 08:00 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:11–04:59
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:47–08:12
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:26 – 12:15
तिथि समाप्त 22 Sep 09:43 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:07–18:19

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

परिवर्तिनी एकादशी — महत्व, कथा और परंपरा

भाद्रपद शुक्ल एकादशी को परिवर्तिनी या पार्श्व एकादशी कहा जाता है। पुरानी कथाएँ बताती हैं कि चातुर्मास के मध्य इसी रात विष्णु अनंत‑शय्या पर करवट बदलते हैं, इसलिए यह दिन “परिवर्तन” का प्रतीक माना गया। भक्त वामन‑अवतार की मूर्ति या चित्र के आगे पंचामृत, तुलसी‑दल और गुड़‑चावल चढ़ाकर निर्जल उपवास रखते हैं और रात भर “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का स्मरण करते रहते हैं। दूसरे दिन सूर्योदय के बाद फलाहार से व्रत खोलते हैं। परम्परा कि इस दिन विधिपूर्वक साधना करने से पुराने पाप क्षीण होते हैं, भीतर का आलस्य टूटता है और जीवन में धर्म, संपत्ति, संयम तथा अंततः मुक्तिदायक शांति का प्रवेश होता है, मानो स्वयं विष्णु की करवट से भाग्य की दिशा बदल जाती हो।

आवर्ती व्रत

अन्य एकादशी तिथियाँ

सभी एकादशी तिथियाँ देखें →
नामतिथिवारपक्ष/तिथिदिन शेष
इन्दिरा एकादशी 6 अक्टूबर 2026 मंगलवार भाद्रपद, कृष्ण एकादशी 10 दिन शेष देखें
पापांकुशा एकादशी 22 अक्टूबर 2026 गुरुवार आश्विन, शुक्ल एकादशी 26 दिन शेष देखें
रमा एकादशी 5 नवंबर 2026 गुरुवार आश्विन, कृष्ण एकादशी 40 दिन शेष देखें
उत्पन्ना एकादशी व्रत 4 दिसंबर 2026 शुक्रवार कार्तिक, कृष्ण एकादशी 69 दिन शेष देखें
पौष पुत्रदा एकादशी 18 जनवरी 2027 सोमवार पौष, शुक्ल दशमी 114 दिन शेष देखें
षटतिला एकादशी 2 फरवरी 2027 मंगलवार पौष, कृष्ण एकादशी 129 दिन शेष देखें

पूरा वार्षिक कैलेंडर, व्रत विधि और पारण नियम — एकादशी हब पेज पर देखें।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

परिवर्तिनी एकादशी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिभाद्रपद, शुक्ल एकादशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान विष्णु
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अंतिम संशोधन23 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा चशास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में परिवर्तिनी एकादशी 22 सितंबर 2026 (मंगलवार) को है।
परिवर्तिनी एकादशी भाद्रपद, शुक्ल एकादशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।