भाद्रपद, शुक्ल द्वादशी

कल्की द्वादशी

23 Sep 2026, 03:13 AM Ujjain मंगलवार
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भाद्रपद माह 2026 में कल्की द्वादशी कब है?

कल्की द्वादशी श्रावण शुक्ल द्वादशी को मनाई जाती है, जब भक्त भगवान विष्णु के दशम अवतार कल्कि की प्रतीक्षास्मृति में उपवास और पूजन करते हैं। परंपरा के अनुसार प्रातः स्नान कर पीले वस्त्र धारण किए जाते हैं; ताम्रपट या चित्र पर घोड़ेमुख वाले कल्किस्वरूप का संकल्प लेकर हल्दीकुमकुम, तुलसीदल, पीले पुष्प, चावल तथा घीदीप अर्पित किया जाता है। मंत्र—“ॐ कल्किने महाविष्णवे नमः”—का 108 जप कर कल्कि पुराण या भागवत के द्वादश स्कंध का पाठ किया जाता है। उपवास के दौरान फलाहार या पंचामृत ग्रहण कर संध्याकाल में दीपदान एवं आरती होती है। मान्यता है कि इस साधना से अधर्मउन्मूलन, आत्मबल, संकटमोचन तथा धर्मस्थापन की शक्ति प्राप्त होती है। कल्कि द्वादशी याद दिलाती है कि जब अन्याय सीमा लाँघे तो सत्य, साहस और सन्मार्ग की तैयारी अभी से करनी चाहिए; यही “निष्कलंक” अवतार का सन्देश है।

अंतिम अपडेट: 27 Apr 2026 23 Sep 2026
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