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पौष पुत्रदा एकादशी

18 जनवरी 2027 · सोमवार पौष, शुक्ल दशमी

पौष माह 2027 में पुत्रदा एकादशी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

पौष पुत्रदा एकादशी 2027 कब है?

पौष पुत्रदा एकादशी 2027 सोमवार, 18 जनवरी 2027 को मनाई जाएगी। पौष पुत्रदा एकादशी की तिथि पौष, शुक्ल दशमी है। पौष पुत्रदा एकादशी की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:45 – 08:54 तक रहेगा।

दिनांक18 जनवरी 2027
तिथिपौष, शुक्ल दशमी
पूजा मुहूर्त06:45 – 08:54
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिपौष, शुक्ल दशमीपौष माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान विष्णु
वार-देवताशिव जीसोमवार
नक्षत्रकृत्तिकाशुभ
संक्षिप्त परिचय

पौष पुत्रदा एकादशी का महत्व और उत्सव

पौष पुत्रदा एकादशी पौष, शुक्ल दशमी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल दशमी
नक्षत्रकृत्तिका
योगशुभ
करणगर
ऋतुशिशिरउत्तरायण
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपूर्वदर्पण देखकर या दूध पीकर

पौष पुत्रदा एकादशी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 05:09 – 05:57 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:45 – 08:54 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:46 – 12:29 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:05 – 16:48 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:44 – 17:56 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 08:06 – 09:26 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 18 Jan 10:26 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 05:09–05:57
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:45–08:54
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:46 – 12:29
तिथि समाप्त 19 Jan 07:49 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:44–17:56

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

पौष पुत्रदा एकादशी — महत्व, कथा और परंपरा

पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पौष पुत्रदा एकादशी कहा जाता है, जो विशेष रूप से संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपतियों के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। यह व्रत पौष मास में आता है, जो शीत ऋतु का प्रमुख महीना होता है और धार्मिक दृष्टि से विष्णु भक्ति के लिए श्रेष्ठ माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु का व्रत और पूजन करने से सुंदर, योग्य और स्वस्थ संतान का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह व्रत निर्जल, निराहार या फलाहार विधि से किया जा सकता है। अगले दिन द्वादशी को किसी ज़रुरतमंद या ब्राह्मण को भोजन कराकर व्रत का पारण किया जाता है। पूजा में गंगाजल, तुलसी दल, तिल, फूल और पंचामृत से श्री विष्णु की अर्चना करनी चाहिए। पौष पुत्रदा एकादशी न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि जीवन में नई आशा और संतुलन लाने का माध्यम भी है।

आवर्ती व्रत

अन्य एकादशी तिथियाँ

सभी एकादशी तिथियाँ देखें →
नामतिथिवारपक्ष/तिथिदिन शेष
परिवर्तिनी एकादशी 22 सितंबर 2026 मंगलवार भाद्रपद, शुक्ल एकादशी 4 दिन शेष देखें
इन्दिरा एकादशी 6 अक्टूबर 2026 मंगलवार भाद्रपद, कृष्ण एकादशी 18 दिन शेष देखें
पापांकुशा एकादशी 22 अक्टूबर 2026 गुरुवार आश्विन, शुक्ल एकादशी 34 दिन शेष देखें
रमा एकादशी 5 नवंबर 2026 गुरुवार आश्विन, कृष्ण एकादशी 48 दिन शेष देखें
उत्पन्ना एकादशी व्रत 4 दिसंबर 2026 शुक्रवार कार्तिक, कृष्ण एकादशी 77 दिन शेष देखें
षटतिला एकादशी 2 फरवरी 2027 मंगलवार पौष, कृष्ण एकादशी 137 दिन शेष देखें

पूरा वार्षिक कैलेंडर, व्रत विधि और पारण नियम — एकादशी हब पेज पर देखें।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

पौष पुत्रदा एकादशी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिपौष, शुक्ल दशमी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान विष्णु
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में पौष पुत्रदा एकादशी 18 जनवरी 2027 (सोमवार) को है।
पौष पुत्रदा एकादशी पौष, शुक्ल दशमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।