भाद्रपद, शुक्ल द्वादशी

श्री वामन प्राकट्योत्सव

23 Sep 2026, 10:30 AM Ujjain बुधवार
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भाद्रपद माह 2026 में श्री वामन प्राकट्योत्सव कब है?

भाद्रपद शुक्लद्वादशी को मनाया जाने वाला वामनप्राकट्योत्सव विष्णु के पाँचवें अवतार की उज्ज्वल स्मृति है। परंपरा कहती है कि श्रवण नक्षत्र के अभिजित मुहूर्त में माता अदिति ने एक तेजस्वी बालक को जन्म दिया, जिसने आगे चलकर राजा बलि के यज्ञमण्डप में तीन पगों में त्रिलोक को नाप कर धर्ममर्यादा स्थापित की। उपनयनसंस्कार के समय ऋषि अंगिरस ने वस्त्र, अगस्त्य ने मृगचर्म, सूर्य ने छत्र, बृहस्पति ने जनेऊकमण्डल, मरीचि ने पलाशदण्ड, भृगु ने खड़ाऊँ, अदिति ने कौपीन, कुबेर ने भिक्षापात्र और सरस्वती ने रुद्राक्षमाला प्रदान की, मानो समूचा ऋषिमण्डल नवयत संन्यासी को आशीर्वाद दे रहा हो। वामनपूजन में आज भी पीत वस्त्र, तुलसीदल और गुड़चावल अर्पित कर “ॐवामनायनमः” का जप किया जाता है; विश्वास है कि इससे अहंकार शान्त होता है और जीवन में धर्म, समृद्धि व विनय का मार्ग प्रशस्त होता है।

अंतिम अपडेट: 23 Apr 2026 23 Sep 2026
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