विजया एकादशी व्रत फाल्गुन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। पौराणिक शास्त्रों में फाल्गुन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को समस्त पापों का हरण करने वाली तिथि भी कहते हैं। यह अपने नाम के अनुरूप फल देती है, इस दिन व्रत धारण करने से व्यक्ति को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है व जीवन के हर क्षेत्र में विजय प्राप्त होती है। शास्त्रों में बताया गया है कि विजया एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को पूर्वजन्म और इस जन्म के सभी पापों से मुक्ति मिलती है। इस साल विजया एकादशी व्रत 4 मार्च, गुरुवार के दिन रखा जाएगा। यदि आपके काम पूरे नहीं होते, बनते-बनते बात बिगड़ जाते हों तो विजया एकादशी का व्रत करना चाहिए। विजया एकादशी के दिन श्री हरी की आराधना कर ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बार जाप करना फलदायी माना गया है।