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फाल्गुन प्रदोष व्रत

5 मार्च 2027 · शुक्रवार माघ, कृष्ण द्वादशी

फाल्गुन माह 2027 में प्रदोष व्रत कब है?

संक्षिप्त उत्तर

फाल्गुन प्रदोष व्रत 2027 कब है?

फाल्गुन प्रदोष व्रत 2027 शुक्रवार, 5 मार्च 2027 को मनाई जाएगी। फाल्गुन प्रदोष व्रत की तिथि माघ, कृष्ण द्वादशी है। फाल्गुन प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:17 – 08:38 तक रहेगा।

दिनांक5 मार्च 2027
तिथिमाघ, कृष्ण द्वादशी
पूजा मुहूर्त06:17 – 08:38
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिमाघ, कृष्ण द्वादशीफाल्गुन माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान शिव
वार-देवतामाँ लक्ष्मी · माँ संतोषीशुक्रवार
नक्षत्रश्रवणपरिघ
संक्षिप्त परिचय

फाल्गुन प्रदोष व्रत का महत्व और उत्सव

फाल्गुन प्रदोष व्रत माघ, कृष्ण द्वादशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण द्वादशी
नक्षत्रश्रवण
योगपरिघ
करणतैतिल
ऋतुवसन्तउत्तरायण
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपश्चिमजौ या दही खाकर

फाल्गुन प्रदोष व्रत के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:41 – 05:29 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:17 – 08:38 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:46 – 12:33 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:28 – 17:15 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:14 – 18:26 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 10:41 – 12:09 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 05 Mar 09:53 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:41–05:29
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:17–08:38
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:46 – 12:33
तिथि समाप्त 06 Mar 12:03 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:14–18:26

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

फाल्गुन प्रदोष व्रत — महत्व, कथा और परंपरा

प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। भगवान शिव की अराधना करने, प्रदोष व्रत और पूजा अर्चना करने से भक्तों के सारे संकट दूर होते हैं। त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष काल में ही प्रदोष व्रत की पूजा-अर्चना करनी चाहिए, प्रदोष काल वह समय होता है, जब दिन और रात मिलते हैं। मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा की पूजा करने से कुंडली में स्थित चंद्रमा की स्थित मजबूत होती है। इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति को अच्छा स्वास्थ्य और दीर्घ आयु प्राप्त होती है। प्रदोष व्रत के दिन शिवजी को गंगा जल, अक्षत्, पुष्प, धतूरा, धूप, फल, चंदन, गाय का दूध, भांग आदि अर्पित कर पूजन करना चाहिये।

आवर्ती व्रत

अन्य प्रदोष व्रत तिथियाँ

सभी प्रदोष व्रत तिथियाँ देखें →
नामतिथिवारपक्ष/तिथिदिन शेष
भाद्रपद गुरु प्रदोष व्रत 24 सितंबर 2026 गुरुवार भाद्रपद, शुक्ल त्रयोदशी 7 दिन शेष देखें
आश्विन गुरु प्रदोष व्रत 8 अक्टूबर 2026 गुरुवार भाद्रपद, कृष्ण त्रयोदशी 21 दिन शेष देखें
आश्विन शुक्र प्रदोष व्रत 23 अक्टूबर 2026 शुक्रवार आश्विन, शुक्ल द्वादशी 36 दिन शेष देखें
मार्गशीर्ष सोम प्रदोष व्रत 21 दिसंबर 2026 सोमवार मार्गशीर्ष, शुक्ल द्वादशी 95 दिन शेष देखें
पौष भौम प्रदोष व्रत 5 जनवरी 2027 मंगलवार मार्गशीर्ष, कृष्ण त्रयोदशी 110 दिन शेष देखें
माघ गुरु प्रदोष व्रत 18 फरवरी 2027 गुरुवार माघ, शुक्ल द्वादशी 154 दिन शेष देखें

पूरा वार्षिक कैलेंडर, व्रत विधि और पारण नियम — प्रदोष व्रत हब पेज पर देखें।

मंत्र संग्रह

फाल्गुन प्रदोष व्रत से संबंधित मंत्र

सभी मंत्र →

शिव मूल मंत्र

ॐ नमः शिवाय

“ॐ नमः शिवाय” का अर्थ है—मैं भगवान शिव को नमन करता हूँ। इसमें “ॐ” परम चेतना, “नमः” विनम्र समर्पण और “शिवाय” कल्याणकारी भ…

पूरा मंत्र पढ़ें →
विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

फाल्गुन प्रदोष व्रत की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिमाघ, कृष्ण द्वादशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान शिव
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अमांत माह (दक्षिण/महा./गुज.)माघ
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। यह तिथि पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) के अनुसार है, जिसमें यह फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष में आती है। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग में यही दिन माघ माह में गिना जाता है — तिथि और पर्व वही रहते हैं, केवल माह का नाम भिन्न होता है। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में फाल्गुन प्रदोष व्रत 5 मार्च 2027 (शुक्रवार) को है।
फाल्गुन प्रदोष व्रत माघ, कृष्ण द्वादशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।