हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर आर्य समाज के संस्थापक महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती मनाई जाती है। दयानंद सरस्वती आर्य समाज के संस्थापक, समाज-सुधारक और देशभक्त थे। उन्होंने समाज में फैली बाल विवाह, सती प्रथा जैसी समाजिक बुराईयों को समाप्त करने के काफी प्रयास किए। वेदों से प्रेरणा लेकर स्वामी दयानंद सरस्वती ने सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया था। इसके साथ ही 1875 में आर्य समाज की स्थापना की थी। इन्होंने सत्यार्थ प्रकाश, ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका, ऋग्वेद भाष्य, यजुर्वेद भाष्य, संस्कारविधि, पञ्चमहायज्ञविधि, आर्याभिविनय, गोकरूणानिधि, भ्रांतिनिवारण, अष्टाध्यायीभाष्य, वेदांगप्रकाश, संस्कृतवाक्यप्रबोध, व्यवहारभानु आदि पुस्तकें लिखी हैं जो आज भी हमें राह दिखाती हैं। स्वामी दयानंद सरस्वती जी की देहांत सन् 1883 को दीपावली के दिन संध्या के समय हुआ।