हिन्दू पंचांग का अंतिम माह फाल्गुन माह होता है और इस माह में आने वाली अमावस्या फाल्गुन अमावस्या कहलाती है। फाल्गुन के कृष्ण पक्ष की पंद्रहवीं तिथि को फाल्गुनी अमावस्या मनाई जाती है। यह अमावस्या पितरों को मोक्ष दिलाने वाली मानी गयी है, पितरों की शांति के लिए किए जाने वाले दान, तर्पण, श्राद्ध आदि के लिए यह दिन बहुत ही अच्छा माना गया है। फाल्गुनी अमावस्या पर धार्मिक तीर्थों पर फाल्गुन मेलों का आयोजन भी होता है, साथ ही इस दिन गंगा स्नान भी बहुत ही शुभ होता है।