वरूथिनी एकादशी वैसाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। वैसाख का महीना तप, संयम और धर्मकर्म का काल माना जाता है, इसलिए इस एकादशी का विशेष महत्व है। पद्म पुराण में भगवान श्रीकृष्ण ने बताया है कि यमराज और यमलोक के भय से मुक्ति चाहने वालों को वरूथिनी एकादशी का व्रत अवश्य करना चाहिए। मान्यता है कि यह व्रत इस लोक और परलोक दोनों में पुण्य प्रदान करता है। इस दिन भगवान मधुसूदन की पूजा की जाती है और भगवान नारायण के वराह अवतार की आराधना का भी विधान है। शास्त्रों में इस व्रत को अन्नदान और कन्यादान के समान फल देने वाला कहा गया है।