वैसाख मास की मासिक शिवरात्रि प्रत्येक माह की तरह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। वैसाख का महीना तप, संयम और आत्मचिंतन से जुड़ा माना जाता है, इसलिए इस समय किया गया शिवरात्रि व्रत विशेष फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत रखने से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं और साधक की मनोकामनाएँ पूर्ण करते हैं। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि देवी लक्ष्मी, सरस्वती, इंद्राणी, गायत्री, सावित्री, पार्वती और रति ने भी शिवरात्रि का व्रत कर शिव कृपा से अनंत फल प्राप्त किए थे। इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन किया जाता है। महादेव के साथ माता पार्वती, गणेश, कार्तिकेय और शिवगणों की भी आराधना होती है। वर्ष में एक महाशिवरात्रि और ग्यारह मासिक शिवरात्रियाँ मनाई जाती हैं। रात्रि के समय शिव मंत्रों का जप विशेष पुण्यदायी माना गया है।