श्री वल्लभाचार्य जयंती वैसाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। जगद्गुरु श्री वल्लभाचार्य जी का जन्म सन् 1479 में छत्तीसगढ़ के चंपारण्य में हुआ था। वैसाख का महीना साधना, चिंतन और वैष्णव भक्ति से जुड़ा माना जाता है, और इसी पावन समय में वल्लभाचार्य जी के जीवन और दर्शन का स्मरण विशेष महत्व रखता है। श्री वल्लभाचार्य जी भगवान श्रीकृष्ण के परम भक्त और पुष्टिमार्ग के प्रवर्तक थे। उनका दर्शन वेदांत पर आधारित था, जिसमें ब्रह्म, जगत और जीव, तीनों की सार्थकता को स्वीकार किया गया है। वे श्रीकृष्ण को अनंत दिव्य गुणों से युक्त परब्रह्म मानते थे और उनकी लीलाओं को ही परम आनंद का स्रोत बताते थे। उनकी रचनाएँ लोककल्याण और सदाचार के संवर्धन की भावना से प्रेरित हैं। उनके योगदान के सम्मान में भारत सरकार ने वर्ष 1977 में उनके नाम का डाक टिकट भी जारी किया था।