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योगिनी एकादशी

29 जून 2027 · मंगलवार ज्येष्ठ, कृष्ण दशमी

योगिनी एकादशी कब है ?

संक्षिप्त उत्तर

योगिनी एकादशी 2027 कब है?

योगिनी एकादशी 2027 मंगलवार, 29 जून 2027 को मनाई जाएगी। योगिनी एकादशी की तिथि ज्येष्ठ, कृष्ण दशमी है। योगिनी एकादशी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:11 – 07:55 तक रहेगा।

दिनांक29 जून 2027
तिथिज्येष्ठ, कृष्ण दशमी
पूजा मुहूर्त05:11 – 07:55
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिज्येष्ठ, कृष्ण दशमीआषाढ़ माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान विष्णु
वार-देवताहनुमान जीमंगलवार
नक्षत्रअश्विनीअतिगण्ड
संक्षिप्त परिचय

योगिनी एकादशी का महत्व और उत्सव

योगिनी एकादशी ज्येष्ठ, कृष्ण दशमी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण दशमी
नक्षत्रअश्विनी
योगअतिगण्ड
करणवणिज
ऋतुवर्षादक्षिणायन
संवत्सररौद्र
दिशा शूलउत्तरगुड़ खाकर

योगिनी एकादशी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:35 – 04:23 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:11 – 07:55 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:34 – 12:28 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 17:03 – 17:58 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 18:05 – 19:17 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 15:27 – 17:09 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 29 Jun 08:16 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:35–04:23
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:11–07:55
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:34 – 12:28
तिथि समाप्त 29 Jun 08:16 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 18:05–19:17

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

योगिनी एकादशी — महत्व, कथा और परंपरा

योगिनी एकादशी हिन्दू धर्म की महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक मानी जाती है। यह आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है और भगवान विष्णु की पूजा को समर्पित होती है। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से पापों से मुक्ति मिलती है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। योगिनी एकादशी का महत्व इतना बताया गया है कि इसका पुण्य हजारों ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर माना गया है। इस दिन भक्त उपवास रखकर विष्णु भगवान की पूजा, भजन और कथा का श्रवण करते हैं।

आवर्ती व्रत

अन्य एकादशी तिथियाँ

सभी एकादशी तिथियाँ देखें →
नामतिथिवारपक्ष/तिथिदिन शेष
परिवर्तिनी एकादशी 22 सितंबर 2026 मंगलवार भाद्रपद, शुक्ल एकादशी आज देखें
इन्दिरा एकादशी 6 अक्टूबर 2026 मंगलवार भाद्रपद, कृष्ण एकादशी 14 दिन शेष देखें
पापांकुशा एकादशी 22 अक्टूबर 2026 गुरुवार आश्विन, शुक्ल एकादशी 30 दिन शेष देखें
रमा एकादशी 5 नवंबर 2026 गुरुवार आश्विन, कृष्ण एकादशी 44 दिन शेष देखें
उत्पन्ना एकादशी व्रत 4 दिसंबर 2026 शुक्रवार कार्तिक, कृष्ण एकादशी 73 दिन शेष देखें
पौष पुत्रदा एकादशी 18 जनवरी 2027 सोमवार पौष, शुक्ल दशमी 118 दिन शेष देखें

पूरा वार्षिक कैलेंडर, व्रत विधि और पारण नियम — एकादशी हब पेज पर देखें।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

योगिनी एकादशी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिज्येष्ठ, कृष्ण दशमी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान विष्णु
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अमांत माह (दक्षिण/महा./गुज.)ज्येष्ठ
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। यह तिथि पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) के अनुसार है, जिसमें यह आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष में आती है। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग में यही दिन ज्येष्ठ माह में गिना जाता है — तिथि और पर्व वही रहते हैं, केवल माह का नाम भिन्न होता है। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में योगिनी एकादशी 29 जून 2027 (मंगलवार) को है।
योगिनी एकादशी ज्येष्ठ, कृष्ण दशमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।