फाल्गुन, शुक्ल एकादशी

रंगभरनी / आमलकी एकादशी

18 Mar 2027, 09:51 AM Ujjain गुरुवार
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फाल्गुन माह 2027 में रंगभरनी / आमलकी एकादशी कब है?

फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ आंवले के वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस तिथि पर श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है। रंगभरी एकादशी के दिन ही आमलकी एकादशी भी मनाई जाती है। जो लोग इस दिन व्रत नहीं कर पाते, वे आंवले का स्पर्श या सेवन करके भी पुण्य फल प्राप्त कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु ने सृष्टि की रचना के लिए ब्रह्मा जी और आंवले के वृक्ष को उत्पन्न किया था, इसी कारण इसे आमलकी एकादशी कहा जाता है। यह तिथि होली के उत्सव की शुरुआत का भी संकेत मानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु और महादेव की संयुक्त रूप से पूजा करने से सौभाग्य, आरोग्य और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।

 
 
अंतिम अपडेट: 28 Mar 2026 18 Mar 2027
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