भाद्रपद, कृष्ण चतुर्दशी

पिठोरी अमावस्या

10 Sep 2026, 04:03 PM Ujjain गुरुवार
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भाद्रपद माह 2026 में पिठोरी अमावस्या कब है?

भाद्रपद अमावस्या को पिठोरी अमावस्या कहा जाता है। उत्तर भारत में महिलाएँ संतान-सुख और दीर्घायु के लिए निर्जल व्रत रखकर माँ दुर्गा की आराधना करती हैं, जबकि दक्षिण भारत में यही तिथि पोलाला अमावस्या कहलाती है और वहाँ दुर्गा-स्वरूप माँ पोलेरम्मा की पूजा होती है। यह दिन ‘पिठौरा’, ‘कुशोत्पाटनी’ और ‘कुशग्रहणी’ नाम से भी प्रसिद्ध है, क्योंकि शास्त्रसम्मत परम्परा के अनुसार आज कुशा घास एकत्र की जाती है, जो आगे आने वाले श्राद्ध और वेदिक अनुष्ठानों में अनिवार्य होती है। संध्या समय पितृ-स्मरण के साथ शिव तथा शनि की विशेष उपासना की जाती है; माना जाता है कि इससे पारिवारिक उन्नति, रोग-निवारण और संतानों का कल्याण सुनिश्चित होता है।

अंतिम अपडेट: 23 Apr 2026 10 Sep 2026
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