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श्रावण कालाष्टमी

27 जुलाई 2027 · बुधवार श्रावण, कृष्ण अष्टमी

श्रावण माह 2026 में कालाष्टमी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

श्रावण कालाष्टमी 2027 कब है?

श्रावण कालाष्टमी 2027 बुधवार, 27 जुलाई 2027 को मनाई जाएगी। श्रावण कालाष्टमी की तिथि श्रावण, कृष्ण अष्टमी है। श्रावण कालाष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:23 – 08:03 तक रहेगा।

दिनांक27 जुलाई 2027
तिथिश्रावण, कृष्ण अष्टमी
पूजा मुहूर्त05:23 – 08:03
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिश्रावण, कृष्ण अष्टमीश्रावण माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान कालभैरव
वार-देवताहनुमान जीबुधवार
नक्षत्रअश्विनीशूल
संक्षिप्त परिचय

श्रावण कालाष्टमी का महत्व और उत्सव

श्रावण कालाष्टमी श्रावण, कृष्ण अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान कालभैरव की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण अष्टमी
नक्षत्रअश्विनी
योगशूल
करणकौलव
ऋतुवर्षादक्षिणायन
संवत्सररौद्र
दिशा शूलउत्तरगुड़ खाकर

श्रावण कालाष्टमी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:47 – 04:35 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:23 – 08:03 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:37 – 12:31 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:59 – 17:53 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:59 – 19:11 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 15:25 – 17:06 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 15 Jul 08:42 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:47–04:35
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:23–08:03
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:37 – 12:31
तिथि समाप्त 16 Jul 06:52 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:59–19:11

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

श्रावण कालाष्टमी — महत्व, कथा और परंपरा

श्रावण मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि ‘श्रावण कालाष्टमी’ कहलाती है। इस पावन रात्रि में शिव के उग्र रूप—भगवान कालभैरव—की आराधना करते हुए भक्त उपवास रखते हैं। विश्वास है कि भैरव-स्मरण से घर-परिवार की नकारात्मक ऊर्जा शांत होकर साहस व रक्षा का तेज मिलता है। व्रती दिनभर फलाहार पर रहते हैं, सायंकाल भैरव-मंदिर में दीप प्रज्वलित कर आरती करते और कालभैरव का प्रतीक समझे जाने वाले काले कुत्ते को भोजन कराते हैं। अर्धरात्रि में शंख, नगाड़े और घंटियों के निनाद के बीच ‘ॐ कालभैरवाय नमः’ मंत्र जप तथा ‘श्री कालभैरवाष्टक’ पाठ किया जाता है। श्रावण की पावन धारा और यह तपस्या मिलकर साधक को भय, रोग व विघ्नों से मुक्त कर आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा से भर देती है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

श्रावण कालाष्टमी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिश्रावण, कृष्ण अष्टमी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान कालभैरव
अंतिम संशोधन19 Aug 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में श्रावण कालाष्टमी 27 जुलाई 2027 (बुधवार) को है।
श्रावण कालाष्टमी श्रावण, कृष्ण अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।