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प्रथम श्रावण सोमवार व्रत

19 जुलाई 2027 · सोमवार श्रावण का पहला सोमवार

श्रावण माह 2026 में प्रथम श्रावण सोमवार व्रत कब है?

संक्षिप्त उत्तर

प्रथम श्रावण सोमवार व्रत 2027 कब है?

प्रथम श्रावण सोमवार व्रत 2027 सोमवार, 19 जुलाई 2027 को मनाई जाएगी। प्रथम श्रावण सोमवार व्रत की तिथि श्रावण का पहला सोमवार है। प्रथम श्रावण सोमवार व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:19 – 08:01 तक रहेगा।

दिनांक19 जुलाई 2027
तिथिश्रावण का पहला सोमवार
पूजा मुहूर्त05:19 – 08:01
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिश्रावण का पहला सोमवारश्रावण माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान शिव
वार-देवताशिव जीसोमवार
नक्षत्रउत्तराषाढ़ाविष्कम्भ
संक्षिप्त परिचय

प्रथम श्रावण सोमवार व्रत का महत्व और उत्सव

प्रथम श्रावण सोमवार व्रत श्रावण का पहला सोमवार तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा
योगविष्कम्भ
करणबालव
ऋतुवर्षादक्षिणायन
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपूर्वदर्पण देखकर या दूध पीकर

प्रथम श्रावण सोमवार व्रत के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:43 – 04:31 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:19 – 08:01 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:37 – 12:31 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 17:01 – 17:55 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 18:02 – 19:14 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 07:00 – 08:41 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 19 Jul 05:16 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:43–04:31
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:19–08:01
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:37 – 12:31
तिथि समाप्त 19 Jul 05:16 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 18:02–19:14

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

प्रथम श्रावण सोमवार व्रत — महत्व, कथा और परंपरा

श्रावण मास, जो लगभग जुलाई-अगस्त की वर्षा ऋतु में आता है, शिव-भक्तों के लिए वर्ष का सबसे पावन काल माना जाता है। इस मास का प्रथम सोमवार व्रत-उपवास की शृंखला का प्रारम्भ करता है। भक्त सूर्योदय से तीसरे प्रहर तक निर्जल या फलाहारी रहकर शिव-पार्वती की अर्चना करते हैं। 108 बेलपत्रों पर ‘राम’ लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करना इस दिन का मुख्य अनुष्ठान है। मान्यता है कि विवाह में बाधा, आयु या स्वास्थ्य सम्बन्धी कष्ट होने पर सावन सोमवार का व्रत विशेष फलदायी सिद्ध होता है। इसी काल में कांवड़ यात्रा भी प्रारम्भ होती है, जब श्रद्धालु गंगाजल लाकर शिव-अभिषेक करते हैं। सावन का यह विधान आत्म-शुद्धि, संयम और भक्ति का पारम्परिक मार्ग दिखाता है।

मंत्र संग्रह

प्रथम श्रावण सोमवार व्रत से संबंधित मंत्र

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शिव मूल मंत्र

ॐ नमः शिवाय

“ॐ नमः शिवाय” का अर्थ है—मैं भगवान शिव को नमन करता हूँ। इसमें “ॐ” परम चेतना, “नमः” विनम्र समर्पण और “शिवाय” कल्याणकारी भ…

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विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

प्रथम श्रावण सोमवार व्रत की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिश्रावण का पहला सोमवार
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान शिव
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अमांत माह (दक्षिण/महा./गुज.)आषाढ़
अंतिम संशोधन06 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। यह तिथि पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) के अनुसार है, जिसमें यह श्रावण माह के कृष्ण पक्ष में आती है। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग में यही दिन आषाढ़ माह में गिना जाता है — तिथि और पर्व वही रहते हैं, केवल माह का नाम भिन्न होता है। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा चशास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में प्रथम श्रावण सोमवार व्रत 19 जुलाई 2027 (सोमवार) को है।
प्रथम श्रावण सोमवार व्रत श्रावण का पहला सोमवार तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।