ज्येष्ठ, शुक्ल षष्ठी

ज्येष्ठ स्कन्द षष्ठी

09 Jun 2027, 03:05 PM Ujjain बुधवार
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ज्येष्ठ स्कन्द षष्ठी कब है?

स्कंदपुराण के प्रवर्तक स्वयं देवसेनापति कार्तिकेय हैं। जैसे हर महीने चतुर्थी पर गणेश पूजा की जाती है, ठीक उसी तरह उनके अग्रज कार्तिकेय स्वामी की आराधना मासिक षष्ठी तिथि पर उपवास रखकर की जाती है। षष्ठी उनके नाम पर कौमारिकी कहलाती है, यह व्रत संतान के रोग-कष्ट कम करने और घर से नकारात्मकता हटाने में विशेष प्रभावी माना गया है। परिवार में झगड़े या कानूनी विवाद चल रहे हों तो भी स्कंद षष्ठी का उपवास ढाल की तरह काम करता है। पूजन-विधि सरल है: बरगद के पत्तों पर नीले पुष्प सजाएँ, दीप जलाएँ और पूर्ण श्रद्धा से “ॐ स्कन्दाय नमः” का जप करें। माना जाता है कि कार्तिकेय की कृपा से साहस बढ़ता है, कलह शांत होती है और घर-आँगन में सकारात्मक ऊर्जा स्थायी हो जाती है।

अंतिम अपडेट: 15 Jun 2026 09 Jun 2027
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