हिन्दू व्रत एवं त्यौहार - BhaktiSarovar.in

ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी

8 जून 2027 · मंगलवार वैशाख, शुक्ल चतुर्थी

ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी 2027 कब है?

ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी 2027 मंगलवार, 8 जून 2027 को मनाई जाएगी। ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी की तिथि वैशाख, शुक्ल चतुर्थी है। ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:07 – 07:51 तक रहेगा।

दिनांक8 जून 2027
तिथिवैशाख, शुक्ल चतुर्थी
पूजा मुहूर्त05:07 – 07:51
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिवैशाख, शुक्ल चतुर्थीज्येष्ठ माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताGanpati
वार-देवताहनुमान जीमंगलवार
नक्षत्रपुष्यध्रुव
संक्षिप्त परिचय

ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी का महत्व और उत्सव

ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी वैशाख, शुक्ल चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन Ganpati की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल चतुर्थी
नक्षत्रपुष्य
योगध्रुव
करणविष्टि
ऋतुग्रीष्मउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलउत्तरगुड़ खाकर

ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:31 – 04:19 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:07 – 07:51 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:29 – 12:24 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:57 – 17:52 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:59 – 19:11 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 15:22 – 17:04 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 07 Jun 03:25 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:31–04:19
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:07–07:51
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:29 – 12:24
तिथि समाप्त 08 Jun 12:21 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:59–19:11

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी — महत्व, कथा और परंपरा

चतुर्थी को गणेश-आराधना का सर्वश्रेष्ठ दिन माना गया है, और हर माह दो बार यह सौभाग्य मिलता है। अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी “विनायक चतुर्थी” कहलाती है। परंपरा कहती है कि इस दिन गणपति-पूजा दो बार करें—पहली बार मध्याह्न में, दूसरी बार दोपहर ढलने पर। मान्यता है कि विधिवत् व्रत और पूजन से बच्चों में ज्ञान का बीज अंकुरित होता है, और उपासक को स्वयं गणेश जी से विवेक व धैर्य का आशीर्वाद मिलता है। पूजा के दौरान गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें और मावे के लड्डू का भोग अर्पित करें; विश्वास है कि इससे घर में सुख-समृद्धि का प्रवाह बढ़ता है और आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होती है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिवैशाख, शुक्ल चतुर्थी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवGanpati
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा चशास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

गूगल पर भक्ति सरोवर को पसंदीदा स्रोत बनाएं

1गूगल पर खोजें → 2हमारा लिंक ढूँढें, ⋮ मेनू दबाएं → 3"More from this site" चुनें पसंदीदा स्रोत बनाएं →
सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी 8 जून 2027 (मंगलवार) को है।
ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी वैशाख, शुक्ल चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
!

अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।