हिन्दू व्रत एवं त्यौहार - BhaktiSarovar.in

महेश नवमी

12 जून 2027 · शनिवार वैशाख, शुक्ल नवमी

महेश नवमी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

महेश नवमी 2027 कब है?

महेश नवमी 2027 शनिवार, 12 जून 2027 को मनाई जाएगी। महेश नवमी की तिथि वैशाख, शुक्ल नवमी है। महेश नवमी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:07 – 07:51 तक रहेगा।

दिनांक12 जून 2027
तिथिवैशाख, शुक्ल नवमी
पूजा मुहूर्त05:07 – 07:51
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिवैशाख, शुक्ल नवमीज्येष्ठ माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताLord Shiva
वार-देवताशनि देवशनिवार
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनीसिद्धि
संक्षिप्त परिचय

महेश नवमी का महत्व और उत्सव

महेश नवमी वैशाख, शुक्ल नवमी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन Lord Shiva की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल नवमी
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी
योगसिद्धि
करणबालव
ऋतुग्रीष्मउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपूर्वअदरक या तिल खाकर

महेश नवमी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:31 – 04:19 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:07 – 07:51 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:30 – 12:25 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:59 – 17:54 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 18:01 – 19:13 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 08:32 – 10:15 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 12 Jun 03:44 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:31–04:19
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:07–07:51
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:30 – 12:25
तिथि समाप्त 13 Jun 02:43 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 18:01–19:13

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

महेश नवमी — महत्व, कथा और परंपरा

ज्येष्ठ शुक्ल नवमी का दिन महेश नवमी के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। यद्यपि यह पर्व सम्पूर्ण हिन्दू समाज में हर्ष के साथ मनाया जाता है, फिर भी माहेश्वरी समुदाय के लिए इसका विशेष महत्व है, क्योंकि उनकी उत्पत्ति प्रभु शिव के वरदान से इसी तिथि पर मानी जाती है। शिव, जिनका एक नाम ‘महेश’ भी है, कल्याण, मंगल और शांति के प्रतीक हैं। कहा जाता है कि उन्हीं की आज्ञा से माहेश्वरी पूर्वजों ने क्षत्रिय धर्म छोड़कर वैश्य धर्म स्वीकार किया। इस दिन देवाधिदेव शिव और जगतजननी पार्वती की आराधना कर “ॐ महेश्वराय नमः” मंत्र का जप किया जाता है। विश्वास है कि इस साधना से जीवन में कल्याण, समृद्धि और शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

मंत्र संग्रह

महेश नवमी से संबंधित मंत्र

सभी मंत्र →

शिव मूल मंत्र

ॐ नमः शिवाय

“ॐ नमः शिवाय” का अर्थ है—मैं भगवान शिव को नमन करता हूँ। इसमें “ॐ” परम चेतना, “नमः” विनम्र समर्पण और “शिवाय” कल्याणकारी भ…

पूरा मंत्र पढ़ें →
विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

महेश नवमी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिवैशाख, शुक्ल नवमी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवLord Shiva
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा चशास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

गूगल पर भक्ति सरोवर को पसंदीदा स्रोत बनाएं

1गूगल पर खोजें → 2हमारा लिंक ढूँढें, ⋮ मेनू दबाएं → 3"More from this site" चुनें पसंदीदा स्रोत बनाएं →
सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में महेश नवमी 12 जून 2027 (शनिवार) को है।
महेश नवमी वैशाख, शुक्ल नवमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
!

अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।