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शबरी जयंती

27 फरवरी 2027 · शनिवार माघ, कृष्ण सप्तमी

फाल्गुन माह 2027 में शबरी जयंती कब है?

संक्षिप्त उत्तर

शबरी जयंती 2027 कब है?

शबरी जयंती 2027 शनिवार, 27 फरवरी 2027 को मनाई जाएगी। शबरी जयंती की तिथि माघ, कृष्ण सप्तमी है। शबरी जयंती की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:23 – 08:42 तक रहेगा।

दिनांक27 फरवरी 2027
तिथिमाघ, कृष्ण सप्तमी
पूजा मुहूर्त06:23 – 08:42
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिमाघ, कृष्ण सप्तमीफाल्गुन माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवतामाता शबरी
वार-देवताशनि देवशनिवार
नक्षत्रविशाखाव्याघात
संक्षिप्त परिचय

शबरी जयंती का महत्व और उत्सव

शबरी जयंती माघ, कृष्ण सप्तमी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन माता शबरी की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण सप्तमी
नक्षत्रविशाखा
योगव्याघात
करणविष्टि
ऋतुवसन्तउत्तरायण
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपूर्वअदरक या तिल खाकर

शबरी जयंती के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:47 – 05:35 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:23 – 08:42 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:47 – 12:34 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:26 – 17:12 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:11 – 18:23 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 09:16 – 10:43 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 26 Feb 08:42 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:47–05:35
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:23–08:42
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:47 – 12:34
तिथि समाप्त 27 Feb 09:54 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:11–18:23

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

शबरी जयंती — महत्व, कथा और परंपरा

फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शबरी जयंती मनाई जाती है। यह दिन भगवान राम की अनन्य भक्त माता शबरी को समर्पित है। इस दिन सबरीमाला मंदिर में माता माता शबरी की पूजा करने का विधान है। माता शबरी की पूजा अर्चना करने से भगवान राम की कृपा भी प्राप्त होती है। इस दिन माता शबरी की स्मृति यात्रा निकाली जाती है। श्रमणा का जन्म शबरी जाति के परिवार में हुआ था और बाल्यकाल से ही श्रमणा भगवान राम की भक्त थीं, श्रीराम ने इनके झूठे बेर खाकर इनकी भक्ति को पूर्ण किया था। माता शबरी के जूठे बेर श्री राम ने खाए थे, और उनकी भक्ति को पूरा किया था। यह पर्व मोक्ष तथा भक्ति का प्रतीक माना गया है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

शबरी जयंती की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिमाघ, कृष्ण सप्तमी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवमाता शबरी
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अमांत माह (दक्षिण/महा./गुज.)माघ
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। यह तिथि पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) के अनुसार है, जिसमें यह फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष में आती है। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग में यही दिन माघ माह में गिना जाता है — तिथि और पर्व वही रहते हैं, केवल माह का नाम भिन्न होता है। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में शबरी जयंती 27 फरवरी 2027 (शनिवार) को है।
शबरी जयंती माघ, कृष्ण सप्तमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
!

अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।