जानकी जन्मोत्सव माँ सीता का जन्मदिवस है, माता सीता को जानकी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को राजा जनक की पुत्री और भगवान श्रीराम की पत्नी माता सीता का प्राकट्य हुआ था। इस पर्व को सीता अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। माता सीता अपने त्याग एवं समर्पण के लिए पूज्यनीय हैं। इस पावन उत्सव पर माता सीता और प्रभु श्रीराम की पूजा की जाती है एवं व्रत उपवास रखा जाता है। इस दिन माता सीता की पूजा में पीले फूल, पीले वस्त्र ओर सोलह श्रृंगार का समान जरूर चढ़ाना चाहिए। श्री जानकी रामाभ्यां नमः मंत्र का 108 बार जाप करें। इस दिन माता सीता की पूजा की शुरुआत गणेश जी और अंबिका जी की अर्चना से की जाती है। इसके बाद सीता जी की मूर्ति या तस्वीर पर पीले फूल, कपड़े और श्रृंगार का सामान चढ़ा कर पूजन किया जाता है।