हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को यशोदा जन्मोत्सव मनाया जाता है।इस दिन माताएं अपने बच्चों के लिए व्रत करती हैं और उनके सुख की मंगलकामनाएं करती हैं। यह त्यौहार गुजरात, महाराष्ट्र तथा दक्षिण भारतीय राज्यों में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन माँ यशोदा का ध्यान करते हुए भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति सामने दीपक जलाएं। कलश स्थापित कर माँ यशोदा जी के नाम की लाल चुनरी पूजा स्थल पर रखें और माँ को मिष्ठान और भगवान कृष्ण को मक्खन का भोग लगाएं। इस दिन संतान सुख से वंचित लोग यदि माता यशोदा का व्रत रखकर विधिपूर्वक पूजन करते हैं, तो उन्हें संतान सुख प्राप्त होता है। इस दिन यशोदा जी की गोद में बैठे हुए कृष्ण जी की और माँ यशोदा की पूजा करने से हर तरह की संतान संबंधी परेशानियां दूर होती हैं।