शनि त्रयोदशी 2027 कब है?
शनि त्रयोदशी 2027 बृहस्पतिवार, 17 मई 2027 को मनाई जाएगी। शनि त्रयोदशी की तिथि ज्येष्ठ, कृष्ण त्रयोदशी है। शनि त्रयोदशी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:12 – 07:53 तक रहेगा।
पर्व सारांश
शनि त्रयोदशी का महत्व और उत्सव
शनि त्रयोदशी ज्येष्ठ, कृष्ण त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है।
त्योहार का पंचांग और शुभ समय
शनि त्रयोदशी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय
| मुहूर्त / योग | समय | उपयोग | स्थिति |
|---|---|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:36 – 04:24 | स्नान, जप, संकल्प | शुभ |
| प्रातः पूजन | 05:12 – 07:53 | पूजा और संकल्प | श्रेष्ठ |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:27 – 12:21 | सामान्य शुभ कार्य | शुभ |
| विजय मुहूर्त | 16:49 – 17:43 | कार्य-सिद्धि, संकल्प | शुभ |
| सन्ध्या पूजन | 17:49 – 19:01 | दीप, आरती, कथा | शुभ |
| राहु काल (वर्ज्य) | 06:52 – 08:33 | शुभ कार्य में टालें | सावधानी |
समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।
शनि त्रयोदशी के बारे में रोचक तथ्य
चार धामों में से एक रामेश्वरम धाम में श्रद्धालुओं की यात्रा तभी संपन्न होती है जब वे इसके निकट स्थित अन्य तीर्थस्थलों के दर्शन…
०२विष्णुधर्मोत्तर पुराण कहता है कि अनिष्ट नाश के लिए गौ माता का पूजन करें। जो व्यक्ति प्रतिदिन गौ सेवा या रोटी-चारा दान करता है, उसक…
०३शनिदेव का पूजन व्यक्ति के जीवन में हर प्रकार से बुरे प्रभाव को कम करता है और इनके पूजन से जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है।
शनि त्रयोदशी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?
तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अस्वीकरण
इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।