पौष, कृष्ण त्रयोदशी

पौष शनि त्रयोदशी

25 Dec 2027, 11:01 PM Ujjain शनिवार
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पौष माह 2027 में शनि त्रयोदशी कब है?

पौष मास की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को रखा जाने वाला शनि प्रदोष व्रत भगवान शिव और न्याय के देवता शनिदेव, दोनों का आशीर्वाद पाने का परम अवसर माना जाता है। हिम‑ऋतु का यह पौष महीना सूर्य के उत्तरायण होने की तैयारी का भी संकेत देता है; ऐसे समय प्रदोष‑काल में की गई शिव‑आराधना को शीघ्र फलदायी कहा गया है। शास्त्र निर्देश देते हैं कि जो साधक 11 निरंतर शनि प्रदोष अथवा पूरे वर्ष की सभी त्रयोदशियों पर व्रत रखता है, उसकी रुकी हुई योजनाएँ तेजी से पूर्ण होती हैं और साढ़ेसाती‑ढैय्या का प्रभाव क्षीण हो जाता है। उपवास के साथ बिल्वपत्र, काले तिल, तिल के तेल का दीप तथा नीले फूल अर्पित कर महादेव की पूजा की जाती है। संध्या पश्चात प्रदोष‑कथा श्रवण और दान‑पुण्य करने से सर्वकार्य‑सिद्धि का वरदान मिलता है।

अंतिम अपडेट: 18 Apr 2026 25 Dec 2027
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