ज्येष्ठ, कृष्ण चतुर्थी

एकदन्त संकष्टी चतुर्थी

24 May 2027, 02:11 AM Ujjain रविवार
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एकदन्त संकष्टी चतुर्थी कब है?

हर महीने चतुर्थी दो बार आती है। कृष्ण पक्ष में आने वाली तिथि को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है, जबकि शुक्ल पक्ष की तिथि विनायक चतुर्थी के नाम से जानी जाती है। इन दोनों ही अवसरों पर विघ्नहर्ता श्री गणेश की विधिवत पूजा और उपवास करना पुरानी परंपरा है। मान्यता है कि जो भक्त नियम-सहित व्रत रखकर गणपति का पूजन करता है, उसके जीवन की बड़ी-से-बड़ी रुकावट सहज ही दूर हो जाती है, दरिद्रता मिटती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का दीप जलता है। संध्या के समय चंद्रदेव को जल से अर्घ्य देकर अपनी मनोकामना गणेश जी तक पहुँचाएँ, फिर “ॐ गणेशाय नमः” या “ॐ गं गणपतये नमः” का 108 बार जाप कीजिए—श्रद्धा के साथ किया गया यह सरल अनुष्ठान आश्चर्यजनक परिणाम दे सकता है।

अंतिम अपडेट: 20 May 2026 24 May 2027
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