हिन्दू व्रत एवं त्यौहार - BhaktiSarovar.in

ज्येष्ठ श्री कालभैरव अधिक कालाष्टमी

29 मई 2027 · सोमवार ज्येष्ठ, कृष्ण अष्टमी

ज्येष्ठ माह 2026 में श्री कालभैरव अधिक कालाष्टमी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

ज्येष्ठ श्री कालभैरव अधिक कालाष्टमी 2027 कब है?

ज्येष्ठ श्री कालभैरव अधिक कालाष्टमी 2027 सोमवार, 29 मई 2027 को मनाई जाएगी। ज्येष्ठ श्री कालभैरव अधिक कालाष्टमी की तिथि ज्येष्ठ, कृष्ण अष्टमी है। ज्येष्ठ श्री कालभैरव अधिक कालाष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:08 – 07:51 तक रहेगा।

दिनांक29 मई 2027
तिथिज्येष्ठ, कृष्ण अष्टमी
पूजा मुहूर्त05:08 – 07:51
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिज्येष्ठ, कृष्ण अष्टमीज्येष्ठ माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताबाबा कालभैरव
वार-देवताशनि देवसोमवार
नक्षत्रशतभिषाविष्कम्भ
संक्षिप्त परिचय

ज्येष्ठ श्री कालभैरव अधिक कालाष्टमी का महत्व और उत्सव

ज्येष्ठ श्री कालभैरव अधिक कालाष्टमी ज्येष्ठ, कृष्ण अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन बाबा कालभैरव की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण अष्टमी
नक्षत्रशतभिषा
योगविष्कम्भ
करणकौलव
ऋतुग्रीष्मउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपूर्वअदरक या तिल खाकर

ज्येष्ठ श्री कालभैरव अधिक कालाष्टमी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:32 – 04:20 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:08 – 07:51 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:28 – 12:22 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:54 – 17:48 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:55 – 19:07 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 08:31 – 10:13 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 18 May 03:24 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:32–04:20
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:08–07:51
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:28 – 12:22
तिथि समाप्त 19 May 03:23 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:55–19:07

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

ज्येष्ठ श्री कालभैरव अधिक कालाष्टमी — महत्व, कथा और परंपरा

हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रखा जाने वाला कालाष्टमी व्रत, बाबा कालभैरव की उपासना के लिए विशेष माना गया है। शास्त्रों में वर्णित है कि इस दिन श्रद्धा से भैरव जी और माँ दुर्गा का पूजन करने से कुंडली के अशुभ ग्रह-नक्षत्र शांत हो जाते हैं और जीवन के बड़े-से-बड़े संकट भी टल जाते हैं। नारद पुराण स्पष्ट कहता है कि कालाष्टमी की साधना सभी मनोकामनाएँ पूरी करने का सुगम मार्ग है। यही तिथि भैरव-जन्मोत्सव भी है; लोकपाल कहे जाने वाले भैरव दसों दिशाओं की रक्षा करते हैं। मान्यता है कि जो सच्चे हृदय से उनका शरणागत होता है, उसका अहित चाहने वाले को तीनों लोकों में कहीं शरण नहीं मिलती। इस व्रत का सार यही है—आस्था, संयम और भैरव-कृपा से भय और बाधाएँ स्वयं मिट जाती हैं।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

ज्येष्ठ श्री कालभैरव अधिक कालाष्टमी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिज्येष्ठ, कृष्ण अष्टमी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवबाबा कालभैरव
अंतिम संशोधन19 Aug 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

गूगल पर भक्ति सरोवर को अपना पसंदीदा स्रोत बनाएं

जब आप गूगल पर "ज्येष्ठ श्री कालभैरव अधिक कालाष्टमी" या कोई भी व्रत-त्योहार खोजते हैं, तो गूगल आपको आपके पसंदीदा स्रोत से उत्तर दिखा सकता है। भक्ति सरोवर को अपना पसंदीदा स्रोत बनाने के लिए:

1
गूगल पर खोजेंकोई भी व्रत या त्योहार खोजें
2
भक्ति सरोवर चुनेंपरिणामों में हमारा लिंक ढूँढें और ⋮ (three-dot) मेनू दबाएं
3
"More from this site" चुनेंगूगल आपको भविष्य में भक्ति सरोवर के परिणाम प्राथमिकता से दिखाएगा
पसंदीदा स्रोत बनाएं →
सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में ज्येष्ठ श्री कालभैरव अधिक कालाष्टमी 29 मई 2027 (सोमवार) को है।
ज्येष्ठ श्री कालभैरव अधिक कालाष्टमी ज्येष्ठ, कृष्ण अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
!

अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।