श्री नारद मुनि अवतरण दिवस विक्रम संवत के अनुसार ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। ज्येष्ठ का महीना तप, संयम और वैराग्य से जुड़ा माना जाता है, और इसी वातावरण में देवर्षि नारद का स्मरण विशेष अर्थ रखता है। इस दिन भगवान विष्णु के परम भक्त नारद जी की पूजा-आराधना की जाती है। नारद मुनि को तीनों लोकों में विचरण करने का वरदान प्राप्त था और वे लोककल्याण के लिए सत्य और भक्ति का संदेश पहुँचाते थे। इसी कारण उन्हें प्रथम पत्रकार भी कहा जाता है। उन्होंने ध्रुव और प्रह्लाद जैसे महान भक्तों को भक्ति मार्ग का ज्ञान दिया। मान्यता है कि इस दिन नारद जी की उपासना से बल, बुद्धि और सात्त्विक शक्ति प्राप्त होती है। इस अवसर पर श्रीकृष्ण को बांसुरी अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है।