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भाद्रपद माह 2026 प्रारंभ

18 अगस्त 2027 · बुधवार श्रावण, कृष्ण प्रतिपदा

भाद्रपद माह कब से शुरू होगा?

संक्षिप्त उत्तर

भाद्रपद माह 2026 प्रारंभ कब है?

भाद्रपद माह 2026 प्रारंभ बुधवार, 18 अगस्त 2027 को मनाई जाएगी। भाद्रपद माह 2026 प्रारंभ की तिथि श्रावण, कृष्ण प्रतिपदा है। भाद्रपद माह 2026 प्रारंभ की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:33 – 08:08 तक रहेगा।

दिनांक18 अगस्त 2027
तिथिश्रावण, कृष्ण प्रतिपदा
पूजा मुहूर्त05:33 – 08:08
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिश्रावण, कृष्ण प्रतिपदाभाद्रपद माह के व्रत-त्यौहार
वार-देवताभगवान गणेशबुधवार
नक्षत्रशतभिषाअतिगण्ड
संक्षिप्त परिचय

भाद्रपद माह 2026 प्रारंभ का महत्व और उत्सव

भाद्रपद माह 2026 प्रारंभ श्रावण, कृष्ण प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्रशतभिषा
योगअतिगण्ड
करणकौलव
ऋतुवर्षादक्षिणायन
संवत्सररौद्र
दिशा शूलउत्तरधनिया या तिल खाकर

भाद्रपद माह 2026 प्रारंभ के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:57 – 04:45 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:33 – 08:08 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:36 – 12:27 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:47 – 17:39 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:43 – 18:55 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 12:02 – 13:39 शुभ कार्य में टालें सावधानी
भाद्रपद माह प्रारंभ 18 Aug 05:00 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:57–04:45
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:33–08:08
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:36 – 12:27
भाद्रपद माह समापन 15 Sep 05:00 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:43–18:55

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

भाद्रपद माह 2026 प्रारंभ — महत्व, कथा और परंपरा

सावन की भीनी फुहारें थमते ही भाद्रपद का आगमन होता है। चातुर्मास का यह दूसरा चरण कल्याण का संदेश लाता है। ‘भाद्र’ का अर्थ है शुभ; इसलिए यह मास पुण्य-कर्मों और उत्तम फल के बीज बोने का अवसर माना गया है। परम्परा कहती है कि पीले वस्त्र धारण करें, क्योंकि यह रंग सूर्य के समान ऊर्जा और मानसिक संतुलन प्रदान करता है। रोहिणी नक्षत्र के वृष लग्न में इसी मास श्रीकृष्ण अवतरित हुए, अतः जन्माष्टमी की रात्रि भक्ति-प्रदीप्त हो उठती है। शीघ्र ही गणेश चतुर्थी विघ्नहर्ता का मंगलमय स्वागत कराती है, जबकि ऋषि पंचमी और हरितालिका तृतीया नारी-शक्ति तथा ऋषि परम्परा का स्मरण कराती हैं। खेतों में धान की बालियाँ लहराने लगती हैं; वर्षा की आर्द्रता घटती है और शरद की शीतल हवा धीरे-धीरे द्वार पर आ ठहरती है। भाद्रपद कल्याण और नवीन आशा का स्वर्णिम संगम प्रतीत होता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

भाद्रपद माह 2026 प्रारंभ की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिश्रावण, कृष्ण प्रतिपदा
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अमांत माह (दक्षिण/महा./गुज.)श्रावण
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। यह तिथि पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) के अनुसार है, जिसमें यह भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष में आती है। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग में यही दिन श्रावण माह में गिना जाता है — तिथि और पर्व वही रहते हैं, केवल माह का नाम भिन्न होता है। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा चशास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में भाद्रपद माह 2026 प्रारंभ 18 अगस्त 2027 (बुधवार) को है।
भाद्रपद माह 2026 प्रारंभ श्रावण, कृष्ण प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।