हिन्दू व्रत एवं त्यौहार - BhaktiSarovar.in

वैसाख विनायक चतुर्थी

9 मई 2027 · रविवार चैत्र, शुक्ल तृतीया

वैसाख माह 2027 में विनायक चतुर्थी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

वैसाख विनायक चतुर्थी 2027 कब है?

वैसाख विनायक चतुर्थी 2027 रविवार, 9 मई 2027 को मनाई जाएगी। वैसाख विनायक चतुर्थी की तिथि चैत्र, शुक्ल तृतीया है। वैसाख विनायक चतुर्थी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:17 – 07:56 तक रहेगा।

दिनांक9 मई 2027
तिथिचैत्र, शुक्ल तृतीया
पूजा मुहूर्त05:17 – 07:56
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिचैत्र, शुक्ल तृतीयावैसाख माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान गणेश
वार-देवतासूर्य देवरविवार
नक्षत्रमृगशिरासुकर्मा
संक्षिप्त परिचय

वैसाख विनायक चतुर्थी का महत्व और उत्सव

वैसाख विनायक चतुर्थी चैत्र, शुक्ल तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल तृतीया
नक्षत्रमृगशिरा
योगसुकर्मा
करणगर
ऋतुग्रीष्मउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपश्चिमघी या दलिया खाकर

वैसाख विनायक चतुर्थी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:41 – 04:29 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:17 – 07:56 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:28 – 12:21 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:46 – 17:39 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:45 – 18:57 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 16:53 – 18:32 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 09 May 09:03 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:41–04:29
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:17–07:56
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:28 – 12:21
तिथि समाप्त 10 May 06:22 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:45–18:57

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

वैसाख विनायक चतुर्थी — महत्व, कथा और परंपरा

वैसाख विनायक चतुर्थी वैसाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। वैसाख का महीना तप, अनुशासन और आत्मसंयम का समय माना जाता है, इसलिए इस मास में की गई गणेश उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। इस दिन विघ्नहर्ता श्री गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक या वरद विनायक चतुर्थी कहा जाता है, जबकि कृष्ण पक्ष की चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी कहलाती है। धार्मिक मान्यता है कि विनायक चतुर्थी पर गणेश पूजन से बुद्धि, विद्या और विवेक की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान गणपति को मोदक, लाल पुष्प और दूर्वा अर्पित कर “ॐ बुद्धिप्रदाये नमः” मंत्र का जप किया जाता है। मान्यता अनुसार गणेश कृपा से कार्यों में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं। परंपरा के अनुसार इस दिन भूमिगत कंद-मूल का सेवन वर्जित माना गया है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

वैसाख विनायक चतुर्थी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिचैत्र, शुक्ल तृतीया
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान गणेश
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

गूगल पर भक्ति सरोवर को पसंदीदा स्रोत बनाएं

1गूगल पर खोजें 2हमारा लिंक ढूँढें, ⋮ मेनू दबाएं 3"More from this site" चुनें पसंदीदा स्रोत बनाएं →
सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में वैसाख विनायक चतुर्थी 9 मई 2027 (रविवार) को है।
वैसाख विनायक चतुर्थी चैत्र, शुक्ल तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
!

अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।