वैसाख विनायक चतुर्थी वैसाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। वैसाख का महीना तप, अनुशासन और आत्मसंयम का समय माना जाता है, इसलिए इस मास में की गई गणेश उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। इस दिन विघ्नहर्ता श्री गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक या वरद विनायक चतुर्थी कहा जाता है, जबकि कृष्ण पक्ष की चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी कहलाती है। धार्मिक मान्यता है कि विनायक चतुर्थी पर गणेश पूजन से बुद्धि, विद्या और विवेक की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान गणपति को मोदक, लाल पुष्प और दूर्वा अर्पित कर “ॐ बुद्धिप्रदाये नमः” मंत्र का जप किया जाता है। मान्यता अनुसार गणेश कृपा से कार्यों में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं। परंपरा के अनुसार इस दिन भूमिगत कंद-मूल का सेवन वर्जित माना गया है।