अक्षय तृतीया का पर्व हर वर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। वैशाख का महीना तप, दान और पुण्य कर्मों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है, और इसी माह की यह तिथि अत्यंत शुभ मानी गई है। शास्त्रों के अनुसार अक्षय तृतीया को पापों का नाश करने वाली और अक्षय फल देने वाली तिथि कहा गया है। मान्यता है कि इस दिन किए गए कार्य कभी क्षीण नहीं होते, इसलिए किसी विशेष मुहूर्त के बिना सभी शुभ कार्य किए जा सकते हैं। भूमि पूजन, गृह प्रवेश, विवाह और धार्मिक अनुष्ठान इस दिन विशेष रूप से किए जाते हैं। अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा का विधान है। श्रद्धा से की गई आराधना से सुख, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।