श्री रामानुजाचार्य जयंती वैसाख मास में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है। वैसाख का महीना वैष्णव परंपरा में साधना, सेवा और भक्ति के लिए विशेष माना जाता है, इसलिए इस समय आचार्य रामानुज का स्मरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। संत रामानुजाचार्य का जन्म तमिलनाडु के श्रीपेरम्बदूर में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उन्होंने देशभर में भ्रमण कर भक्ति मार्ग का व्यापक प्रचार किया और समाज को समरसता का संदेश दिया। आचार्य रामानुज ने अनेक प्राचीन और जीर्ण मंदिरों का पुनर्निर्माण कराया, जिनमें श्रीरंगम्, तिरुनारायणपुरम् और तिरुपति प्रमुख हैं। वे विशिष्टाद्वैत वेदांत के महान आचार्य थे। वैकुंठ गद्यम, श्रीरंग गद्यम, गीता भाष्य और वेदार्थ संग्रह उनकी प्रसिद्ध रचनाएँ हैं। दक्षिण और उत्तर भारत में यह जयंती बड़े उत्सव के रूप में मनाई जाती है।