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वैसाख पूर्णिमा व्रत

21 मई 2027 · शुक्रवार वैशाख, कृष्ण प्रतिपदा

वैसाख माह 2027 में पूर्णिमा व्रत कब है?

संक्षिप्त उत्तर

वैसाख पूर्णिमा व्रत 2027 कब है?

वैसाख पूर्णिमा व्रत 2027 शुक्रवार, 21 मई 2027 को मनाई जाएगी। वैसाख पूर्णिमा व्रत की तिथि वैशाख, कृष्ण प्रतिपदा है। वैसाख पूर्णिमा व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:11 – 07:52 तक रहेगा।

दिनांक21 मई 2027
तिथिवैशाख, कृष्ण प्रतिपदा
पूजा मुहूर्त05:11 – 07:52
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिवैशाख, कृष्ण प्रतिपदावैसाख माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान विष्णु
वार-देवतामाँ लक्ष्मी · माँ संतोषीशुक्रवार
नक्षत्रअनुराधाशिव
संक्षिप्त परिचय

वैसाख पूर्णिमा व्रत का महत्व और उत्सव

वैसाख पूर्णिमा व्रत वैशाख, कृष्ण प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्रअनुराधा
योगशिव
करणकौलव
ऋतुग्रीष्मउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपश्चिमजौ या दही खाकर

वैसाख पूर्णिमा व्रत के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:35 – 04:23 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:11 – 07:52 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:27 – 12:21 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:51 – 17:45 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:51 – 19:03 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 10:13 – 11:54 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 19 May 04:02 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:35–04:23
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:11–07:52
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:27 – 12:21
तिथि समाप्त 20 May 04:28 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:51–19:03

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

वैसाख पूर्णिमा व्रत — महत्व, कथा और परंपरा

वैसाख पूर्णिमा को वैसाखी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। वैसाख मास को हिंदू परंपरा में स्नान, दान और तप का सर्वोत्तम समय माना गया है, इसलिए इस पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। मान्यता है कि पवित्र नदी या सरोवर में स्नान, दान, जप, ध्यान और तर्पण करने से पापों का क्षय होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। इस शुभ तिथि पर भगवान सत्यनारायण की पूजा कर विष्णु भगवान को चंदन का लेप, सुपारी, फल और पुष्प अर्पित किए जाते हैं। वैसाख पूर्णिमा पर सत्य विनायक व्रत का भी विधान है। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने अपने मित्र सुदामा को यह व्रत करने की सलाह दी थी, जिससे उनकी दरिद्रता दूर हुई और जीवन में समृद्धि आई।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

वैसाख पूर्णिमा व्रत की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिवैशाख, कृष्ण प्रतिपदा
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान विष्णु
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अमांत माह (दक्षिण/महा./गुज.)वैशाख
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। यह तिथि पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) के अनुसार है, जिसमें यह ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष में आती है। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग में यही दिन वैशाख माह में गिना जाता है — तिथि और पर्व वही रहते हैं, केवल माह का नाम भिन्न होता है। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में वैसाख पूर्णिमा व्रत 21 मई 2027 (शुक्रवार) को है।
वैसाख पूर्णिमा व्रत वैशाख, कृष्ण प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।