श्री नरसिंह चतुर्दशी का पर्व वैसाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। वैसाख का महीना तप, साधना और धर्म की रक्षा से जुड़ा माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी तिथि को भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार धारण कर दैत्यराज हिरण्यकश्यपु का वध किया था। भगवान नरसिंह आधे मनुष्य और आधे सिंह के स्वरूप में शक्ति, शौर्य और धर्म के प्रतीक हैं। इस दिन व्रत और पूजा करने से भय, कष्ट और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं। संध्या काल में भगवान नरसिंह और माँ लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। “श्री नरसिंह जय जय नरसिंह” मंत्र का जप अत्यंत फलदायी माना गया है और इससे भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।