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श्री नरसिंह चर्तुदशी

18 मई 2027 · मंगलवार वैशाख, शुक्ल त्रयोदशी

वैसाख माह 2027 में श्री नरसिंह चर्तुदशी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

श्री नरसिंह चर्तुदशी 2027 कब है?

श्री नरसिंह चर्तुदशी 2027 मंगलवार, 18 मई 2027 को मनाई जाएगी। श्री नरसिंह चर्तुदशी की तिथि वैशाख, शुक्ल त्रयोदशी है। श्री नरसिंह चर्तुदशी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:12 – 07:53 तक रहेगा।

दिनांक18 मई 2027
तिथिवैशाख, शुक्ल त्रयोदशी
पूजा मुहूर्त05:12 – 07:53
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिवैशाख, शुक्ल त्रयोदशीवैसाख माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान नरसिंह
वार-देवताहनुमान जीमंगलवार
नक्षत्रचित्राव्यतीपात
संक्षिप्त परिचय

श्री नरसिंह चर्तुदशी का महत्व और उत्सव

श्री नरसिंह चर्तुदशी वैशाख, शुक्ल त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान नरसिंह की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्रचित्रा
योगव्यतीपात
करणतैतिल
ऋतुग्रीष्मउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलउत्तरगुड़ खाकर

श्री नरसिंह चर्तुदशी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:36 – 04:24 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:12 – 07:53 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:27 – 12:21 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:49 – 17:43 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:49 – 19:01 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 15:15 – 16:56 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 18 May 04:03 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:36–04:24
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:12–07:53
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:27 – 12:21
तिथि समाप्त 19 May 04:02 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:49–19:01

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

श्री नरसिंह चर्तुदशी — महत्व, कथा और परंपरा

श्री नरसिंह चतुर्दशी का पर्व वैसाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। वैसाख का महीना तप, साधना और धर्म की रक्षा से जुड़ा माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी तिथि को भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार धारण कर दैत्यराज हिरण्यकश्यपु का वध किया था। भगवान नरसिंह आधे मनुष्य और आधे सिंह के स्वरूप में शक्ति, शौर्य और धर्म के प्रतीक हैं। इस दिन व्रत और पूजा करने से भय, कष्ट और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं। संध्या काल में भगवान नरसिंह और माँ लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। “श्री नरसिंह जय जय नरसिंह” मंत्र का जप अत्यंत फलदायी माना गया है और इससे भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

श्री नरसिंह चर्तुदशी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिवैशाख, शुक्ल त्रयोदशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान नरसिंह
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में श्री नरसिंह चर्तुदशी 18 मई 2027 (मंगलवार) को है।
श्री नरसिंह चर्तुदशी वैशाख, शुक्ल त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।