बुद्ध पूर्णिमा वैसाख मास की पूर्णिमा तिथि को श्रद्धा और शांति के साथ मनाई जाती है। वैसाख का महीना आत्मचिंतन, करुणा और संयम से जुड़ा माना जाता है, और इसी पावन तिथि पर भगवान बुद्ध के जीवन की तीन महान घटनाएँ घटी थीं। इसी दिन उनका जन्म हुआ, वर्षों की कठोर तपस्या के बाद बोधगया में बोधिवृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई और कुशीनगर में महापरिनिर्वाण भी इसी पूर्णिमा को हुआ। बुद्ध पूर्णिमा केवल एक जन्मोत्सव नहीं, बल्कि ज्ञान, करुणा और निर्वाण का स्मरण दिवस है। आज विश्व भर में करोड़ों लोग भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का अनुसरण करते हैं। भारत सहित नेपाल, श्रीलंका, चीन, थाईलैंड, जापान और अन्य देशों में यह पर्व बड़े सम्मान से मनाया जाता है। श्रीलंका में इसे वेसाक उत्सव कहा जाता है।